हाईस्कूल व इंटर बोर्ड परीक्षा और परिषदीय स्कूलों की लगभग एक साथ हो रही परीक्षा की वजह से कक्ष निरीक्षकों का टोटा हो गया। अधिकांश परीक्षा केंद्रों में पहले दिन गुरुवार को एक कक्ष में दो नहीं बल्कि एक ही कक्ष निरीक्षक नजर आएगा। 3635 कक्ष निरीक्षकों की दरकार है। लेकिन माध्यमिक शिक्षा में 2441 कक्ष निरीक्षक हैं। डीआईओएस ने करीब 1200 कक्ष निरीक्षकों की मांग बीएसए को भेजी थी। लेकिन अभी तक 10 फीसदी शिक्षकों ने ज्वाइन नहीं किया। जबकि इन्हें बुधवार को ही कार्यमुक्त कर दिया गया था।
यूपी बोर्ड परीक्षा कराने संबंधी सभी तैयारियों के दावों की पोल परीक्षा के एक दिन पहले ही खुल गई। यूपी बोर्ड से आदेश है कि सप्ताह भर पहले कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी निर्धारित उनके परिचय पत्र बना दिए जाएं। ताकि जल्दबाजी में कोई गलत निरीक्षक न बन जाए। इससे बोर्ड परीक्षा की शुचिता प्रभावित हो। लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग चुनावी व्यस्तता के चलते यह सब भूल बैठा। अब आनन-फानन कक्ष निरीक्षकों की तलाश कर ड्यूटी लगाई जा रही है।
जिले में गुरुवार से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा में पंजीकृत कुल 48,262 परीक्षार्थी 70 केंद्रों में शामिल होंगे। शासन का मानक है कि एक कक्ष में कम से कम दो कक्ष निरीक्षक तैनात हों। इसके अलावा तीन से चार कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी गेट या तलाशी में लगाई जाए। लेकिन जिले भर के परीक्षा केंद्रों में यह मानक अभी तक पूरा नहीं है। सबसे ज्यादा दिक्कत नगर क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों में है। यहां थोक में कक्ष निरीक्षकों की कमी है।
जीजीआईसी में 15 से 20 और जीआईसी में 40 कक्ष निरीक्षकों के मुकाबले सिर्फ 23 कक्ष निरीक्षक हैं। बजरंग इंटर कॉलेज में 54 के मुकाबले 20 कक्ष निरीक्षक हैं। जबकि आर्य कन्या इंटर कॉलेज में 54 के मुकाबले 30 कक्ष निरीक्षक हैं। कम हो रहे कक्ष निरीक्षकों के लिए डीआईओएस हिफजुर्रहमान ने बीएसए को डिमांड लेटर भेजा था। लेकिन परिषदीय परीक्षा भी 18 मार्च से शुरू होने के कारण यहां भी कक्ष निरीक्षकों को भेज पाना मुश्किल लग रहा है।
हकीकत यह है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में सरकारी, एडड और मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के कुल 2441 शिक्षक हो रहे हैं। जबकि कुल 3635 कक्ष निरीक्षकों की जरूरत है। 1149 कक्ष निरीक्षक परिषदीय स्कूलों से मांगे गए हैं। बीएसए ने बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के लिए परिषदीय शिक्षकों को बुधवार को ही विद्यालयों से कार्यमुक्त कर दिया। लेकिन इन शिक्षकों ने ड्यूटी ज्वाइन करने के बजाए घरों में मौज काटी। उधर, कक्ष निरीक्षकों की कमी से परेशान केंद्र व्यवस्थापक कभी डीआईओएस तो कभी बीएस से संपर्क साधते रहे।
यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर दिन भर परीक्षा केंद्रों में चहल-पहल रही। शिक्षक व प्रधानाचार्य जहां डेस्क स्लिप लगाने और परीक्षा की अन्य तैयारियों में जुटे रहे। वहीं परीक्षा केंद्रों में गेट पर लगी सामूहिक स्लिप पर परीक्षार्थी अपने डेस्क की तलाश में रहे। जीआईसी, जीजीआईसी, बजरंग, डीएवी, खानकाह, नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज, ओमर वैश्य बालिका इंटर कॉलेज, एचएएल इंटर कॉलेज में परीक्षार्थियों के लिए शौचालय व पीने के लिए ठंडे की व्यवस्था की गई है।
डीआईओएस हिफजुर्रहमान ने बताया कि परीक्षा केंद्र में निगाह रखने के लिए चार उड़न दस्ते तैयार हैं। 16 सेक्टर मजिस्ट्रेट भी मोबाइल टीम के साथ परीक्षा केंद्रों में निगरानी रखेंगे। परीक्षा के पहले गेट पर परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली जाएगी। यदि परीक्षा के दौरान किसी के पास अनुचित साधन मिले तो सख्त कार्रवाई होगी। सामूहिक नकल की स्थिति में केंद्र व्यवस्थापक नपेंगे।