बांदा। 14 मई को जारी शासन के एक पत्र में अधिवक्ताओं को अराजकतत्व बताए जाने से आंदोलित अधिवक्ताओं का गुस्सा शासन द्वारा अगले ही दिन जारी संशोधन आदेश पर भी नहीं थमा है। अधिवक्ताओं ने इस पत्र को भी एक तरफा, क्षेत्राधिकार विहीन बताया है। मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कहा है कि अधिवक्ताओं को विश्वास में लेकर शीघ्र उपचारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में अधिवक्ता आंदोलन करेंगे।
शुक्रवार को अधिवक्ता संघ अध्यक्ष ब्रजमोहन सिंह गौर और महासचिव राकेश कुमार सिंह द्वारा संयुक्त हस्ताक्षरों से जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में शासन के दोनों पत्रों का हवाला देकर कहा है कि इससे अधिवक्ताओं में भयंकर रोष और उबाल है। अधिवक्ता संघ ने पत्र को एकतरफा बताया है। मांग की है कि अधिवक्ताओं से आफीसर ऑफ कोर्ट की तरह बर्ताव करते हुए उनके विरुद्ध शासन या किसी अधिकारी द्वारा कोई भी अमर्यादित टिप्पणी न की जाए। अधिवक्ता न्याय प्रणाली के अभिन्न अंग हैं। अपने अधिकारों के लिए अदालत तक पहुंचने का उन्हें मौलिक अधिकार है।
बिजली कर्मचारी प्रांतीय अध्यक्ष आज बांदा में
बांदा। उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ प्रांतीय अध्यक्ष जवाहरलाल विश्वकर्मा और मुख्य महामंत्री महेंद्र राय शनिवार को बांदा आएंगे। वह दोपहर 2 बजे पीली कोठी स्थित कैंप कार्यालय में संघ की महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेंगे। संघ के मीडिया प्रभारी कमाल अहमद ने बताया कि सदस्यता, आंदोलन आदि मुद्दों पर बैठक में विचार करके रणनीति तय की जाएगी। सभी पदाधिकारियों और सदस्यों से बैठक में उपस्थित होने का अनुरोध किया गया है। (संवाद)