बांदा। स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र
बांदा-हमीरपुर से विधान परिषद के चुनाव में भाजपा की हुई किरकिरी को
हाईकमान ने गंभीरता से लिया है।
ऐन मौके पर भाजपा प्रत्याशी द्वारा
नाम वापस ले लेने के पूरे घटनाक्रम का भाजपा हाईकमान जांच करा रही है।
इसके लिए भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमापति राम त्रिपाठी को जांच
अधिकारी नियुक्त किया गया है।
भाजपा ने यहां आनंद त्रिपाठी (बब्बू)
को प्रत्याशी घोषित किया था। उनके मुकाबले मेें सपा के रमेश मिश्रा
उम्मीदवार थे। भाजपा प्रत्याशी ने जोरशोर और लाव-लश्कर के साथ नामांकन
दाखिल किया था। भाजपा के तमाम छोटे-बड़े नेता नामांकन में आए।
माना
जा रहा था कि मुकाबला कांटे का होगा। सपा को भाजपा प्रत्याशी कड़ी टक्कर
देंगे। नामांकन के दो दिन बाद तक यही फिजा बनी रही। इसी बीच अप्रत्याशित
ढंग से 18 फरवरी को भाजपा प्रत्याशी बेहद गुपचुप ढंग से कांग्रेस नेता के
वाहन में कलेक्ट्रेट आए और अपना नाम वापस ले लिया।
किसी भाजपाई को
इसकी भनक भी नहीं लगी। नाम वापसी के कुछ ही देर बाद सपा प्रत्याशी को
निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर डीएम ने प्रमाण पत्र सौंप दिया। अपने
प्रत्याशी की इस हरकत से भाजपा खेमे में सन्नाटा छा गया। हर छोटा-बड़ा नेता
हतप्रभ रह गया।
बांदा जैसी किरकिरी भाजपा को प्रदेश की चार सीटों
पर झेलनी पड़ी। भाजपा अब इन सबकी खबर ले रही है। बांदा के प्रत्याशी बब्बू
त्रिपाठी को कई दिन पहले ही पार्टी से निकाला जा चुका है।
अब भाजपा
हाईकमान ने जांच कराने का फैसला किया है। जांच विस्तृत होगी। उन भाजपाइयों
का भी पता लगाया जाएगा जो इस किरकिरी कराने में गुपचुप ढंग से शामिल रहे।
साथ
ही उन पर भी जांच होगी, जिन्होंने ऐसे दगाबाज प्रत्याशियों को टिकट दिलाने
में पैरवी या वकालत की। नामांकन और नाम वापसी प्रक्रिया की भी छानबीन
होगी। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमापति राम जांच कर छह मार्च तक रिपोर्ट
प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेंगे।