प्रेसवार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश शुक्ल व साथ में पूर्व विधायक रामेश्वर प्रसाद व उपाध्यक्ष एमयू दुर्रानी।
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बांदा। कांग्रेस ने नोटबंदी मामले में भाजपा पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि नोटबंदी से पहले 7 व 8 नवंबर को भाजपा ने कोलकाता में अपने खातों में तीन करोड़ रुपये जमा कराए। साथ ही बिहार में पहली अक्तूबर से 6 नवंबर के बीच भाजपा ने करोड़ों रुपये की जमीनें खरीदी हैं। यह जमीनें ज्यादातर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम हैं।
शनिवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार शुक्ल, पूर्व विधायक रामेश्वर प्रसाद और जिला उपाध्यक्ष एमयू दुर्रानी ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजब्बर के हवाले से कहा कि दरअसल नोटबंदी भारत का सबसे बड़ा घोटाला है। कांग्रेस इसके लिए संयुक्त संसदीय कमेटी (जेपीसी) से जांच की मांग कर रही है। जिलाध्यक्ष ने बताया नोटबंदी की घोषणा वाले दिन 8 नवंबर को कोलकाता बैंक में भाजपा के खाते में 500 और 1000 रुपये के एक करोड़ रुपये जमा हुए। 7 व 8 नवंबर को कुल तीन करोड़ रुपये जमा हुए। इससे साबित है कि भाजपा को नोटबंदी का पहले से पता था।
कांग्रेस नेताओं ने बताया नोटबंदी से ठीक पहले बिहार में लखीसरायं, माधेपुरा, कटिहार, अरवल, किशनगंज और मधुबनी में एक अक्तूबर से 6 नवंबर के बीच भाजपा ने जमीनें खरीदीं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने इनके विक्रय पत्र (सेल डीड) जारी किए हैं। यह ज्यादातर जमीनें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम और भाजपा मुख्यालय के पते से खरीदी गई हैं। बिहार में भाजपा के विधायक व सचिव संजीव चौरसिया के द्वारा खरीद हुई है। उड़ीसा में भी 18 जिलों में भाजपा ने संपत्तियां खरीदीं हैं। मोदी सरकार ने विदेश भेजे जाने वाले पैसे की सीमा बढ़ाकर एक साल में करीब 30 हजार करोड़ रुपये देश के बाहर भेज दिए हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कालेधन को सफेद बनाने के लिए जनधन खाते खुलवाए गए। नए-नए तरीकों से कालेधन वालों को प्रधानमंत्री संरक्षण दे रहे हैं। देश का मजदूर, गरीब, नौकरी पेशा और इमानदार आम आदमी रोजाना लाइनों में धक्के खा रहा है।