चार प्रमुख मांगों के समर्थन में उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के आह्वान पर चित्रकूटधाम मंडल के लगभग 700 संविदा व स्थायी कर्मचारी बुधवार को हड़ताल पर चले गए। मंडल में बिजली बिल वसूली और चेकिंग अभियान ठप रहा।
कई स्थानों पर आई गड़बड़ियां भी नहीं सुधारी गईं। उधर, देर रात तक कर्मचारी संघ नेताओं और अधिकारियों में वार्ता जारी थी। मंडल मुख्यालय में पीलीकोठी स्थित सब स्टेशन में हड़ताल कर्मचारियों ने धरना दिया। संघ जोनल मंत्री मोहम्मद सुभान ने आरोप लगाया कि पावर कारपोरेशन कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति हरगिज गंभीर नहीं है।
एक साल से मामले लटका रखे गए हैं। कार्यवाहक अध्यक्ष शौकत अली ने कहा कि एक दशक से कार्यरत 15-20 संविदा कर्मियों को बेवजह हटा दिया गया। संविदा कर्मियों का सात माह से वेतन नहीं मिला। ठेकेदार उनके ईपीएफ में घोटाला कर रहे हैं।
दोपहर को मुख्य अभियंता आरके जैन, अधीक्षण अभियंता हरीमोहन, एक्सईएन समरनाथ (बांदा), सुनील कुमार (चित्रकूट), एई डीसी श्रीवास्तव व डीपी सिंह ने धरने पर बैठे कर्मचारियों से बातचीत की। लेकिन वार्ता विफल रही।
मीडिया प्रभारी आलोक शर्मा ने बताया कि देर शाम मुख्य अभियंता से पुन: वार्ता शुरू हुई है। यह देर रात तक जारी थी। वार्ता के बाद बृहस्पतिवार सुबह हड़ताल खत्म होने के आसार है।
उधर, संघ मंत्री अनिल यादव ने बताया कि चारों जनपदों में लगभग 50 लाख राजस्व की वसूली नहीं हो पाई। कई फीडर फाल्ट से बंद रहे हालांकि ज्यादातर आपूर्ति सामान्य रही।
धरने में अहमद हुसैन, सिराज खां, ब्रजराज यादव, कृष्ण कुमार गुप्ता (अतर्रा), आनंद कुमार (नरैनी), मो. अली (खुरहंड) और सुरेश मुन्ना, रविंदर यादव, इरफान, रामेश्वर, खुर्शीद निजामी, आलोक मिश्रा, अजेश, राकेश श्रीवास, रामलाल साहू, लालमन, जय प्रकाश, वैभव जैन, रेयाज अली, कमाल अहमद, महेंद्र साहू, सुमित गुप्ता, हबीब, मोहम्मद रजा आदि शामिल रहे।