सरकार की प्राथमिकता वाले लोहिया गांवों में भी सरकारी कर्मचारी पूरी तरह बेपरवाह हैं। इसकी बानगी जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने बुधवार को लोहिया गांव मनीपुर (महुआ) में भ्रमण और निरीक्षण करके खुद देखी।
डीएम ने लेखपाल और ग्राम पंचायत सचिव समेत तीन कर्मचारियों के वेतन रोकने का आदेश दिया। इसके अलावा कालाबाजारी कर रहे कोटेदार को फटकारा और चेतावनी दी।
गांव में गंदगी देखकर डीएम ने सफाई कर्मी राजकुमार का वेतन रोकते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि के आदेश दिए। डीपीआरओ का निर्देश दिया कि 15 दिन के अंदर सफाई कराकर रिपोर्ट पेश करें वरना कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इंदिरा आवासों के निरीक्षण में अधिकांश अधूरे मिले। निर्माण मानक के मुताबिक नहीं था। यही हाल शौचालयों का था। डीएम ने पंचायत सचिव राम कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि और वेतन रोकने के आदेश दिए। आवास और शौचालय की जांच पीडब्ल्यूडी और आरईएस एक्सईएन को सौंपते हुए शीघ्र जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा। डीएम ने गांव-गांव चौपाल भी लगाई। ग्रामीणों ने कोटेदार पर पैसा अधिक वसूलने और कालाबाजारी के आरोप लगाए।
डीएम ने कोटेदार लालमन को डांट लगाते हुए कोटा निरस्त करने की चेतावनी दी। एसडीएम नरैनी को निर्देश दिया कि गांव का औचक निरीक्षक करें। कोटेदार की शिकायत मिले तो कार्रवाई करके रिपोर्ट पेश करें। लेखपाल पट्टाधारकोें और पौधरोपण के बारे में नहीं बता पाए। डीएम ने लेखपाल का भी वेतन रोकने के आदेश दिए।
निरीक्षण में डीएम के साथ पुलिस अधीक्षक राकेश शंकर भी थे। दोनों अधिकारियों ने चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। एसपी ने कहा कि शराब की हिस्ट्रीशीटर और शराब पीने वालों की जानकारी थाने में दें। निरीक्षण के दौरान सीडीओ श्रीकृष्ण त्रिपाठी, बीडीओ, डीएम के ओएसडी मुहीब अहमद आदि उपस्थित रहे।