बांदा। सर्द हवाओं के चलते तापमान में शुक्रवार को एक डिग्री की कमी और आ गई। उधर, ठंड से ठिठुर कर मरने का सिलसिला भी बरकरार है।
ताजी
घटना में ठंड ने तीन लोगों की जान ले ली। इनमें एक राहगीर की शिनाख्त नहीं
हो पाई। अंतिम संस्कार में शामिल होने गए प्रधानाध्यापक ठंड की चपेट में
आकर चल बसे और अगले दिन उनकी भी अर्थी उठी।
शुक्रवार को दिन में
खुली धूप रहने से राहत महसूस की गई। अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज
किया गया। हालांकि इसके पूर्व तड़के न्यूनतम तापमान 6 रिकार्ड हुआ।
बीते
दिन से यह एक डिग्री कम था। ठंड से मौतों की श्रृंखला में अपने रिश्तेदार
के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए प्रधानाध्यापक को ठंड ने मौत की नींद
सुला दिया।
शहर के डिग्गी चौराहा निवासी ओम प्रकाश दुबे (48) यहां
पुराना बजरंग विद्यालय में प्रधानाचार्य थे। अंतिम संस्कार के बाद परंपरा
के मुताबिक उन्होंने नदी में स्नान किया।
घर आते ही उन्हें ठंड ने जकड़ लिया। परिजनों ने जिला अस्पताल पहुंचाया वहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। वहां उनकी मौत हो गई।
उधर,
ठंड से देहात कोतवाली क्षेत्र के महोखर गांव निवासी दुलीचंद (60) पुत्र
कल्लू की मौत हो गई। गुरुवार को ठंड लगने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया।
उपचार
के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। दूसरी मौत शहर के पद्माकर चौराहे के
पास लगभग 65 वर्षीय अज्ञात वृद्ध की हुई। शुक्रवार को सुबह उसका शव पाया
गया। शिनाख्त के लिए पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया है।