बांदा। भीषण गर्मी में बिजली की मांग गई है। इससे ओवरलोड भूरागढ़ उपकेंद्र की सुबह साढ़े तीन बजे सप्लाई फेल हो गई। करीब छह घंटे बाद बिजली चालू हुई। उधर, तुलसीनगर उपकेंद्र में पांच घंटे से ज्यादा लोगों को बिजली नहीं मिली। इससे शहर की करीब 40 हजार की आबादी प्रभावित रही। सुबह पेयजल आपूर्ति के समय बिजली कटने से लोगों को पानी भी नहीं मिल पाया। भीषण गर्मी में लोग बेहाल रहे।
शहर में छह करोड़ की लागत निर्माणाधीन संकट मोचन विद्युत उपकेंद्र और नवाब टैंक उपकेंद्र का कार्य पूरा नहीं हो पाया। इससे तुलसीनगर और भूरागढ़ फीडर में अतिरिक्त लोड पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने से बिजली खपत बढ़ रही है। इससे उप केंद्रों से आए दिन बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। कहीं वोल्टेज कम आ रहा है तो कहीं बिजली की आंख मिचौली लोगों को नींद उड़ा रही है।
रविवार की रात जिले में 28 डिग्री पारा के बीच भीषण गर्मी रही। जैसे ही लोगों की नींद लगी, वैसे ही सुबह साढ़े तीन बजे बिजली गुल हो गई। भूरागढ़ उप केंद्र से जुड़े भूरागढ़ सहित करीब दस गांवों में और शहर के क्योटरा, कटरा, कंचन पुरवा, निम्नीपार, खुटला, रहुनिया, कांशीराम काॅलोनी सहित सात वार्डों की करीब 40 हजार से ज्यादा आबादी भीषण गर्मी में बिना बिजली के बेहाल रही।
बिजली कटौती से परेशान उपभोक्ताओं ने बिजली अधिकारियों को फोन मिलाया तो किसी का फोन भी नहीं उठा। सुबह पता चला कि भूरागढ़ सब स्टेशन से मेन सप्लाई ही फेल हो गई है। ओवरलोडिंग के चलते कहीं तार टूटे तो कहीं जंपर उड़ गया। सुबह साढ़े तीन बजे बिजली कटी तो सुबह साढ़े नौ बजे के बाद चालू हुई।
इसी बीच सुबह साढ़े छह बजे बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों के घरों में पानी भी नहीं आया। हालांकि जो वार्ड निचले इलाकों में वहां बिना टुल्लू पंप के लोगों को पानी मिल गया, पर जो टुल्लू पंप के भरोसे रहे उन्हें पानी के लिए भटकना पड़ा।
उधर, तुलसीनगर उप केंद्र से जुड़े कालूकुआं, शांति नगर, बंगालीपुरा, तिंदवारी रोड के उपभोक्ताओं को भी बिजली की आंख मिचौली का सामना करना पड़ा। रात में दस मिनट बिजली आई तो एक घंटे इंतजार करना पड़ा। सुबह जैसे ही पानी आने का समय हुआ बिजली गुल हो गई।
वहीं सोमवार को इन मोहल्लों में लोवोल्टेज की समस्या की वजह से लोगों के बिजली उपकरण शोपीस बने रहे। गर्मी से शहरवासियों की हालत खराब रही।