बांदा। सातों चरण के मतदान के बाद अब सटोरिए भी सक्रिय हो गए हैं। केंद्र में सरकार बनने से लेकर स्थानीय प्रत्याशियों की जीत-हार पर भी लाखों के दांव लग रहे हैं। बांदा-चित्रकूट संसदीय सीट पर भजापा, गठबंधन और बसपा के बीच कांटे का मुकाबला है। लिहाजा सटोरियों ने भी सभी पर दांव लगा रखा है। सूत्रों का मानें तो इस बार भाजपा प्रत्याशी की जीत से अधिक उनकी हार पर दांव लग रहे हैं।
बांदा-चित्रकूट सीट पर भाजपा प्रत्याशी की हार और इंडिया गठबंधन प्रत्याशी की जीत पर ज्यादा सट्टा लग रहा है। बसपा प्रत्याशी की जीत पर भी सटोरियों को भरोसा है। बसपा के दाम भी सट्टा बाजार में चढ़े हैं। शहर के कुछ चुनिंदा बड़े सराफा कारोबारी बड़े ठेकेदारों की मदद से सट्टे का कारोबार चला रहे हैं। जहां सोने चांदी के दामों पर हर रोज सट्टा लगता है। अब जब सातों चरणों का मतदान निपट गया है और एग्जिट पोल भी सामने आ चुका है, ऐसे में भला सटोरिए कैसे खामोश बैठ सकते थे।
लिहाजा कौन बनेगा सांसद पर लाखों रुपये का सट्टा लग रहा है। सट्टा कारोबारी के एजेंट ने बताया कि वैसे तो 20 मई के बाद से लोगों ने प्रत्याशियों के जीत-हार को लेकर सट्टा लगाना शुरू कर दिया था। बताया कि दो हजार से अधिक लोगों ने भाजपा प्रत्याशी की हार को लेकर 40 लाख से ज्यादा का सट्टा लगाया है। करीब 1100 लोगों ने सपा की हार पर 27 लाख व 900 लोगों ने बसपा की हार पर 25 लाख का सट्टा लगाया है।
इतना ही नहीं अंतिम चरण का मतदान खत्म होने के बाद अब केंद्र में किसकी सरकार बनेंगी। किस पार्टी को कितनी सीटें मिल रही हैं। इस पर भी सट्टा लगाया जा रहा है। सुबह से शाम तक में 11 लाख का सट्टा लग चुका है। बताया कि केंद्र में भाजपा सरकार को लेकर ज्यादा सट्टा लग रहा है। नौ लाख का सट्टा भाजपा सरकार बनने व सीटें बढ़ने पर लगा है, जबकि तीन लाख रुपये का सट्टा गठबंधन की सरकार बनने पर लगा है। फिलहाल नतीजे कुछ भी हो,लेकिन अभी तो सटोरियों का उत्साह देखते ही बन रहा है। उन्हें एग्जिट पोल से अधिक अपनी किस्मत पर भरोसा है। सट्टा लगवाना व लगाना दोनों कानून अपराध है इस लिए यह काम चोरी छुपे होता है।