राजीव गांधी डीएवी महाविद्यालय में पर्यावरण पर आधारित कार्यशाला के दूसरे दिन मंगलवार को प्राचार्य डॉ. रामभरत सिंह तोमर ने कहा कि जैविक पद्धति आधारित नई कृषि नीति व प्राकृतिक नियमों के अनुरूप औद्योगिक विकास की नई प्रौद्योगिकी विकसित करनी होगी।
रेगिस्तान को उसकी सीमाओं में बांधने के लिए इजराइल की तर्ज पर सभी जलस्रोतों के चारो तरफ हरित पट्टिका विकसित करनी होगी। डॉ. विवेक कुमार पांडेय ने कहा कि जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इसी से संसाधनों पर दबाव बढ़ा। अब स्थिति गंभीर हो रही है। इससे उबरने के लिए जनता को भी जागरूक होकर जिम्मेदारी निभानी होगी। डॉ.राजेश व रितु खरे ने पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले कारकों के बारे में बताया।
समाजशास्त्र प्रवक्ता ज्योति शर्मा ने कहा कि फ्रिज में प्रयोग होने वाली सीएफसी का एक अणु ओजोन परत को अत्यधिक हानि पहुंचाता है। प्राचार्य ने छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति संचेतना, संरक्षण व संवर्धन के लिए शपथ दिलाई। संचालन डॉ.विष्णु स्वरूप गुप्ता ने किया।