बांदा। डीएम आनंद कुमार सिंह के आकस्मिक निरीक्षण में बांदा विकास प्राधिकरण (बीडीए) कार्यालय में चल रही अंधेरगर्दी उजागर हुईं। तीन अवर अभियंता एसबी त्रिपाठी, अवनीश अग्रवाल और राजेंद्र राव 1 सितंबर से बिना किसी सूचना के नदारद हैं। लिपिक मंजू गुप्ता 12 सितंबर से कार्यालय नहीं आईं। डीएम ने इन सभी का सितंबर का वेतन रोक दिया है। प्राधिकरण सचिव को निर्देश दिया कि इन सभी का स्पष्टीकरण लेकर प्रस्तुत करें।
डीएम प्राधिकरण के पदेन उपाध्यक्ष हैं। बुधवार दोपहर को राइफल क्लब ग्राउंड स्थित प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे। प्रभारी सचिव/सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह भी थे। डीएम ने पूरे कार्यालय का जायजा लिया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सिकंदर अहमद का नाम हाजिरी रजिस्टर में अन्य कर्मियों के साथ न लिखकर अलग पीछे के पन्ने में दर्ज किया गया है। उसी में यह कर्मचारी हस्ताक्षर कर रहा है।
डीएम ने सहायक अभियंता वीके ओझा से इसका स्पष्टीकरण तलब किया। सहायक लेखाकार बीएस मिश्रा हाजिरी रजिस्टर में हस्ताक्षर बनाने के बाद कार्यालय से लापता थे। कर्मचारियों ने बताया कि वह आकस्मिक अवकाश पर हैं। छुट्टी संबंधी उनकी अर्जी भी रजिस्टर में मिली। उपस्थिति के हस्ताक्षर और छुट्टी की अर्जी एक साथ मिलने पर डीएम ने प्राधिकरण सचिव को निर्देश दिया कि दो दिन के अंदर स्थिति स्पष्ट करें।
प्राधिकरण कार्यालय में कार्यरत लेखाकार जुबैर आलम मास्क लगाकर काम करते मिले। उनके पास बैठा अन्य व्यक्ति बगैर मास्क था। डीएम ने इस व्यक्ति पर 500 रुपये का जुर्माना किया और सहायक अभियंता को निर्देश दिया कि यह पैसा सरकारी मद में जमा कराएं। डीएम ने खबरदार किया कि कोई भी अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में बिना मास्क के नहीं रहेगा।
कार्यालय की सफाई व्यवस्था भी घटिया मिली। जगह-जगह पान-गुटके के निशान पाए गए। वाटर कूलर भी गंदे स्थान पर रखा मिला। कार्यालय के अंदर साइकिल और कबाड़ रखा पाया। डीएम ने असंतोष जताते हुए यह सारी व्यवस्थाएं शीघ्र दुरुस्त कराने का सचिव को निर्देश दिया।
ट्रीटमेंट प्लांट स्थल पर पुनर्विचार के निर्देश
बांदा। नरैनी रोड पर स्थित कांशीराम स्मृति उपवन के नजदीक अमृत कार्यक्रम के तहत प्रस्तावित 32 केएलडी फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट पर डीएम आनंद कुमार सिंह ने बांदा विकास प्राधिकरण सचिव को निर्देश दिया है कि इस पर पुनर्विचार के बाद ही भूमि चिह्नित की जाए।
डीएम ने कहा कि प्राधिकरण की पंडित दीनदयाल पुरम आवासीय योजना भी यहीं है। ट्रीटमेंट प्लांट इसके बहुत नजदीक है। ऐसे में प्लांट के लिए भूमि पर पुनर्विचार किया जाए। निरीक्षण में प्राधिकरण सचिव, अधिशासी अभियंता तथा जल निगम 16वीं शाखा के एक्सईएन, सहायक अभियंता इत्यादि उपस्थित थे।