बेंदाघाट। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी के परिजनों से मिलने कबरई जा रहे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की गठित समिति के सदस्य व लसड़ा (बलिया) के पूर्व विधायक सनातन पांडेय को यहां रोक लिया गया। इसकी भनक लगने पर समिति के अन्य सदस्य दूसरे रास्तों से कबरई निकल गए।
सपा हाईकमान ने मृतक क्रशर कारोबारी के परिजनों से मिलकर पूरी जानकारी और पड़ताल करने के लिए समिति गठित की है। इसमें ऊंचाहार (रायबरेली) के विधायक मनोज कुमार पांडेय, कानपुर महानगर सपा अध्यक्ष ओमप्रकाश मिश्रा और रसड़ा (बलिया) के पूर्व विधायक सनातन पांडेय शामिल हैं। तीनों को बुधवार को कबरई पहुंचना था। इसकी भनक यहां प्रशासन और पुलिस को लग गई।
सुबह से बेंदा घाट यमुना नदी पुल के पास बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। वाहनों की चेकिंग शुरू हो गई। सीओ सदर अजय सिंह भदौरिया, तिंदवारी इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन, मरका एसओ रामआसरे सरोज, बेंदा चौकी इंचार्ज रोशन गुप्ता फोर्स के साथ यहां तैनात कर दिए गए।
दोपहर बाद पूर्व विधायक सनातन पांडेय वाहन से यहां पहुंचे तो उन्हें पुलिस ने रोक लिया। पूर्व विधायक ने पुलिस को यह कहकर चकमा देने की कोशिश की कि वे चित्रकूट जा रहे हैं, लेकिन पुलिस के पास मोबाइल फोन पर वीडियो और फोटो पहुंच चुके थे।
पुलिस ने उन्हें रोक लिया और धारा 144 का हवाला देकर आगे नहीं जाने दिया गया। पूर्व विधायक बेंदाघाट चौकी में ही बैठा लिए गए। उधर, यह भनक मिलने पर समिति के अन्य सदस्य इस मार्ग से नहीं आए।
जरूर कोई बात है, तभी बरती जा रही है सख्ती
बेंदाघाट। सपा नेता और पूर्व विधायक सनातन पांडेय ने कहा कि वह कबरई मृतक क्रशर कारोबारी के परिजनों से मिलकर संवेदना जताने और पार्टी हाईकमान के निर्देश पर घटना की जानकारी हासिल करने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार इस घटना से काफी घबराई हुई है। इसीलिए उन्हें रोका जा रहा है।
हम कोई चोर-उचक्के नहीं हैं। न ही कोई भीड़ लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जरूर कोई बात है। तभी इतनी सख्ती की जा रही है। सपा नेता ने कहा कि पुलिस बेलगाम नहीं होती। वह तो सत्तारूढ़ दल के निर्देश पर काम करती है। इस सरकार में गुंडाराज कायम है। हर वर्ग परेशान है। पूर्व विधायक शाम करीब छह बजे वापस बलिया लौट गए।