बांदा। मियाद पूरी कर चुके बुंदेलखंड के महत्वपूर्ण बरियारपुर बांध की जल भंडारण क्षमता घट कर तकरीबन आधी रह गई है। वहीं इसी के नजदीक केन नदी में नया बांध बनाने की योजना दो दशकों से फाइलों में ही दौड़ रही है। प्रदेश सरकार की ओर से इसकी अनुमति के लिए केंद्र सरकार को भेजी गई फाइल वहीं अटकी है। नतीजे में साल दर साल जनपद में सिंचाई का संकट गहराता जा रहा है। मामले में जनप्रतिनिधि भी चुप्पी साधे हुए हैं।
सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पन्ना जनपद में केन नदी पर ईस्ट इंडिया कंपनी के समय अंग्रेजों ने बरियारपुर बांध (वियर) बनवाया था। इससे नहर निकाल का जनपद को पूरे साल सिंचाई के लिए पानी मिलता है। मध्य प्रदेश भी अलग नहर से पानी लेता है। इस बांध का संचालन और रखरखाव बांदा सिंचाई विभाग करता है। तकनीक से भरपूर बनाए गए इस बांध की शुरुआती क्षमता 12.50 एमसीएम ( मिलियन क्यूबिक मीटर) थी। साल में कई बार नहर से खेतों को भरपूर पानी मिलता था लेकिन धीरे-धीरे नदी में बहकर आने वाली मौरंग-रेत और पत्थर की सिल्ट बांध की तलहटी पर जमती चली गई लेकिन इसकी सफाई नहीं कराई गई जिससे गहराई कम होती चली गई। अब पानी भंडारण क्षमता घटकर लगभग आधी रह गई है। मामूली बाढ़ में ही बांध उफना जाता है।
वर्ष 2010 के दशक में यूपी सरकार ने बरियारपुर बांध के नजदीक डाउन स्ट्रीम पर नया बांध बनाए जाने की योजना बनाकर केंद्र सरकार को अनुमति के लिए फाइल भेजी थी। दलील दी थी कि मौजूदा बरियारपुर बांध एक सौ बरस पुराना है और इसकी मियाद पूरी हो चुकी है। क्षमता भी घट गई है।
केन-बेतवा लिंक के आगे सुस्त पड़ी योजना
केन-बेतवा लिंक परियोजना लागू हो जाने के बाद नए बरियारपुर बांध निर्माण की योजना सुस्त पड़ गई। केंद्र और यूपी व एमपी सरकारों का पूरा ध्यान केन- बेतवा लिंक पर ही लग गया। बरियारपुर और गंगऊ बांधों की अप स्ट्रीम में डोढन बांध का निर्माण चल रहा है। यहां से ओरछा (झांसी) तक 221 किमी लंबी पक्की नहर बनाकर बेतवा नदी में जोड़ी जा रही है।
बांध के टूटने से तबाही मच सकती
उम्र का शतक पार कर चुका बरियारपुर बांध जर्जर हो चुका है। क्रस्टवाल, लोहे के फाटक, ग्रिल, कैंची आदि खस्ताहाल हो गए हैं। बरसात में यह बेहद विकराल रूप धारण कर लेता है। कई बार बाढ़ में इसके फाटक बह चुके हैं। जर्जर दीवार (सुरंग) से रोजाना क्षेत्रीय ग्रामीण आवागमन करते हैं। बाढ़ में इसके टूटने से काफी तबाही मच सकती है।
केंद्रीय जल आयोग टीम कर चुकी निरीक्षण
केन-बेतवा लिंक परियोजना के अधीक्षण अभियंता संदीप कुमार खरे का कहना है कि बरियारपुर में प्रस्तावित नए बांध निर्माण स्थल का कुछ दिनों पूर्व केंद्रीय जल आयोग की टीम ने निरीक्षण किया था। टीम अपनी रिपोर्ट आयोग और केंद्र सरकार को देगी। इसी के बाद संबंधित विभाग बैठक करके योजना पर आगे काम करेंगे।