एससीएसटी एक्ट-2018 के विरुद्ध गुरुवार को देशव्यापी आंदोलन और बंद का यहां भी जोरदार असर रहा। गांव और कस्बों से लेकर मंडल मुख्यालय बांदा शहर तक भारत बंद समर्थकों और संगठनों ने प्रदर्शन किए। कहीं जोर जबरदस्ती तो कहीं आरजू मिन्नत से बाजार और कारोबार बंद कराए। कई संगठनों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर एक्ट पर कड़ा विरोध जताया। बंद के निर्धारित समय सुबह 10 से शाम 4 बजे तक था। इसके बाद कारोबार और बाजार बहाल हो गए।
एससीएसटी एक्ट-2018 का विरोध कर रहे लोग सुबह से ही गांवों, कस्बों और बांदा शहर की सड़कों पर जत्थों और जुलूस की शक्ल पर निकल पड़े। बांदा में संकट मोचन मंदिर से जुलूस की शक्ल में हुजूम शहर के लिए रवाना हुआ। इनमें कुछ लोग सवर्ण एवं पिछड़े एकता मंच तथा सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग मंच (संघर्ष समिति) के बैनर लिए थे। शहर के मुख्य चौक बाजार, कैथी बाजार, अलीगंज चौकी चौराहा, रेलवे स्टेशन होता हुआ जुलूस कलक्ट्रेट के पास अशोक लाट पहुंचा।
जुलूस में युवाओं की संख्या ज्यादा थी। इनमें कुछ युवा एक्ट को लेकर बेहद आक्रोश में थे। कुछ प्रदर्शनकारी अर्धनग्न थे। अशोक लाट पर सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार को ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा कि नए एससीएसटी एक्ट में बिना जांच के आरोपी की गिरफ्तारी का प्रावधान है। इससे सामान्य और पिछड़ा वर्ग में असंतोष व्याप्त है। यह काला कानून समाप्त किया जाए। सीओ राघवेंद्र सिंह व कुलदीप गुप्ता भी मौजूद रहे।
जुलूस जहां से भी गुजरा वहां खुली दुकानें धड़ाधड़ बंद हो गईं। कुछ खुली दुकानों को प्रदर्शनकारियों ने जबरन या आरजू मिन्नत करके बंद करा दिया। कुछ एक जगह मामूली नोंकझोंक हुई। कहीं भी तनाव या विवाद जैसी स्थिति नहीं उत्पन्न हुई। प्रदर्शनकारियों के हाथों में- सवर्ण भी गरीब होता है, भूखे पेट सोता है जैसे नारे लिखीं तख्तियां थीं। कैथी बाजार के पास धरना देकर जाम भी लगाया। लगभग 20 मिनट यातायात ठप रहा। पूरे समय जुलूस के साथ और अन्य सार्वजनिक मुख्य चौराहों व स्थलों पर पुलिस व पीएसी तैनात रही। अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल, नगर व सदर क्षेत्राधिकारी, कोतवाली प्रभारी एके सिंह व सभी चौकियों के प्रभारी मौजूद रहे। जुलूस में अरविंद सिंह, अनूप सिंह चौहान, काजल पांडेय, सुशील त्रिवेदी, बलराम तिवारी, रवींद्र तिवारी, संदीप सिंह, गौरव चंदेल, छंगा सिंह, करन सिंह, विवेक त्रिपाठी, अरविंद त्रिपाठी, अरुण त्रिपाठी, अंकित द्विवेदी, अशोक सिंह, शैलेंद्र सिंह, अनुज सिंह आदि शामिल रहे।