बांदा। देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल में मंगलवार को यहां पूरे जनपद में बैंकों की हड़ताल रही। भारतीय स्टेट बैंक को छोड़कर सभी राष्ट्रीकृत बैंक इसमें शामिल थे। लगभग 20 करोड़ रुपये की क्लीरिंग और लेनदेन प्रभावित हुआ। बैंक कर्मियों ने गेट पर प्रदर्शन और सभाएं कीं। बैंकों को आपस में मर्ज करने की निंदा की।
बैंक संगठन एआईबीईए और बीएफआई ने संयुक्त रूप से हड़ताल का एलान किया था। जनपद के सभी राष्ट्रीयकृत बैंक बंद रहे। ग्राहक और खातेदार लौट गए। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन, बांदा यूनिट के मंत्री रावेंद्र कुमार शुक्ल ने बताया कि स्टेट बैंक को छोड़कर सभी राष्ट्रीकृत बैंकों में हड़ताल रही। उन्होंने बताया कि मुख्य मांगों में बैंकों को आपस में मर्ज करने पर रोक, मनमानी सुधारों पर रोक, खराब ऋणों की वसूली सुनिश्चित करने और चूककर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई तथा ग्राहकों पर लादे जा रहे दंडात्मक टैक्स और सेवा प्रभार में वृद्धि रोकने की मांग शामिल थी।
सिविल लाइन स्थित इलाहाबाद बैंक ब्रांच के सामने हड़ताली बैंक कर्मियों ने धरना दिया। इसमें यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के मंत्री रावेंद्र शुक्ल सहित वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र कश्यप, प्रांतीय प्रतिनिधि हरीनारायण तिवारी, उपाध्यक्ष अनुभव धानविक, संगठन मंत्री मोहित गुप्ता, एबीएसए के जिला मंत्री अंकुर श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष झल्लूराम, संगठन मंत्री संतोष कुमार सहित शुभेंद्र तिवारी, चंद्रा, नीरज तिवारी, प्रेमचंद्र, देवदीन, बबलू, फूलचंद्र आदि शामिल रहे। उधर, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (एलडीएम) अभिजित कुमार ने बताया कि लिपिक यूनियन हड़ताल में शामिल थी। कामर्शियल बैंक इसमें शामिल नहीं थी। एलडीएम ने बताया कि रोजाना जनपद की बैंकों में लगभग 16 करोड़ की क्लीरिंग और लगभग 4 करोड़ रुपये का लेनदेन होता है। हड़ताल से लगभग 20 करोड़ का व्यवसाय ठप रहा है।