बांदा। दिवाली का दीपक जलने से पहले ही घर के दो चिराग बुझ गए। पढ़ाई कर रहा होनहार बेटा कानपुर शहर में सड़क हादसे में जान गंवा बैठा तो चंद घंटे बाद ही दूसरी सड़क दुर्घटना में पिता भी चल बसा। उधर, पिता के साथ जा रहा पड़ोसी भी नहीं बचा। तीन मौतों ने शहर के छोटी बाजार में बड़ा मातम माहौल का पैदा कर दिया है।
शहर के छोटी बाजार निवासी फूलचंद्र गुप्ता का 16 वर्षीय पुत्र अनमोल कानपुर में बहन के साथ रहकर इंटर की पढ़ाई कर रहा था। सोमवार की रात उसकी कानपुर शहर में सड़क हादसे में मौत हो गई। बेटे की मौत की खबर मिलते ही बेहाल हो बैठा पिता फूलचंद्र आनन-फानन कार से कानपुर के लिए रवाना हो गया। उसके साथ उसका एक दामाद और चार अन्य पड़ोसी भी थे। बांदा मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर आगे चलकर बांदा-बहराइच स्टेट हाईवे में चिल्ला थाना क्षेत्र के पलरा गांव के पास कार सड़क किनारे खड़े डंपर के पीछे जा घुसी। फूलचंद्र (56) और पड़ोसी रवि गुप्ता उर्फ आइटम (30) की मौत हो गई। चार अन्य घायल हो गए।
दिवाली की तैयारियां इन दिनों हर घर में चल रही हैं। फूलचंद्र बांदा शहर में इमरती मिठाई के मशहूर व्यापारी थे। दिवाली पर घर को रंग-रोगन से तैयार करने की तैयारी थी। कानपुर से अनमोल और बेटी पूजा व आरती को भी आना था। लेकिन कुदरत को कुछ और मंजूर था। चंद घंटों के बीच हुए दो सड़क हादसों में दिवाली के दीपक जलने से पहले ही फूलचंद्र के घर का चिराग बुझा दिया। पिता-पुत्र की मौत से न सिर्फ परिवार बल्कि पड़ोसी भी शोक में डूबे हुए हैं।
30 वर्ष की उम्र में हादसे का शिकार हुए रवि के घर भी दिवाली की खुशियां मातम में बदल चुकी हैं। पिता अवधेश गुड़ के कारोबारी हैं। रवि उनका हाथ बंटाता था। अविवाहित जवान बेटे की त्योहार के ऐन मौके पर हुई अचानक मौत ने बूढ़े मां-बाप को बुरी तरह झकझोर दिया है। माता-पिता के अलावा एक छोटा भाई और है। रवि की मौत से बुरी तरह व्यथित परिजनों ने उसका पोस्टमार्टम कराए बगैर अंतिम संस्कार कर दिया। मीडिया से भी कोई बात करने से साफ इनकार कर दिया।
सड़क किनारे खड़े डंपर से टकराई कार में हुई दो मौतों पर पुलिस ने डंपर के अज्ञात चालक के विरुद्ध यहां थाने में रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपी चालक फरार है। सरोज कुमार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। बताया गया है कि डंपर खराब अवस्था में सड़क किनारे खड़ा था। ब्यूरो