बैठक में बोलते राष्ट्रीय अध्यक्ष सगुण शुक्ला।
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यूनाइटेड फोरम के आह्वान पर अपनी मांगों के समर्थन में बैंक कर्मचारी व अधिकारी मंगलवार को हड़ताल पर रहेंगे। आल इंडिया रीजनल रूरल बैंक इंपलाइज यूनियन बैंकिंग व श्रमिक कानूनों में बदलाव नीति और स्थाई पदों पर आउट सोर्सिंग के तहत सेवा नीति के विरोध का निर्णय लिया।
नेशनल फेडरेशन आफ आरआरबी आफीसर्स व यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में देश व्यापी हड़ताल मंगलवार से शुरू होगी। रविवार की रात बासू कंठ सभागार में आयोजित अधिवेशन में अध्यक्ष सगुण शुक्ला ने बताया कि इसमें ग्रामीण बैंकों के यूनाइटेड फोरम भी हड़ताल में रहेंगे।
उनकी प्रमुख मांगों में बैंकिंग उद्योग में मिल रही पेंशन नीति को बिना शर्त ग्रामीण बैंकों में लागू करने, निजीकरण के लिए अंश-पूंजी बेचने को संसद से पास नीति को रोकने, बैंकिंग उद्योग के समान भत्ते, सुविधाएं, सेवा शर्तें एवं समान प्रमोशन नीति लागू करने, दो दशक से दैनिक वेतन पर कार्य कर रहे कर्मचारियों का नियमितीकरण करने, न्यूनतम वेतन के भुगतान सुनिश्चित करते हुए 25000 से ज्यादा अस्थाई संदेशवाहक व सफाईकर्मियों को सुविधाएं देने आदि की मांग की।
इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक आफिसर्स एसोसिएशन अध्यक्ष राना अनिल सिंह ने नोटबंदी के दौरान निर्धारित सेवा घंटे से अधिक कार्य अवधि का प्रतिपूर्ति व अतिरिक्त खर्च की पूर्ति करने की मांग भी की। कर्मचारी ग्रामीण बैंकों के क्षेत्रीय कार्यालय में विरोध प्रदर्शन करेंगे। उधर, चुनाव के दौरान पांच दिनों की लगातार बंदी के बाद शहरी व ग्रामीण बैंकों में हड़ताल से ग्राहकों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक आफीसर्स एसोसिएशन महासचिव व आल इंडिया रीजनल रूरल बैंक इंपलाइज एसोसिएशन सचिव उमाकांत अवस्थी ने बताया कि यह एक दिवसीय हड़ताल है। 11 जिलो के 2600 ग्रामीण बैंक कर्मचारी व अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे। इनमें बांदा जनपद के 548 बैंक कर्मी भी शामिल हैं। स्केल-3 तक के सभी अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहेंगे।