साढ़े छह लाख के इनामी सरगना सुदेश पटेल उर्फ बलखड़िया के मारे जाने और गैंग से पटेल बिरादरी के सदस्यों को भगाने के बाद दस्यु बबुली कोल के गैंग का मैनपावर में काफी कमजोर पड़ गया है। उसके साथ सिर्फ 4-5 लोग ही बताए जा रहे हैं। चर्चा है कि गिरोह की ताकत बढ़ाने के लिए अब बबुली बिरादरी के युवाओं पर डोरे डाल रहा है। उन्हें किसी भी सूरत में गैंग में शामिल करने की जुगत भिड़ा रहा है।
बीहड़ के सूत्र बताते हैं कि मैनपावर बढ़ाने के लिए वह लगातार उंचाडीह, डोड़ामाफी, सकरौंहा, मारकुंडी, गिदुरहा, रामगढ़, कल्याणगढ़ आदि गांवों में बिरादरी के युवाओं से मिलकर उन्हें बरगलाने में जुटा है। उनका साथ मांग रहा है। उन्हें रुपयों की चमक-धमक और शान-ओ-शौकत के सब्जबाग दिखा रहा है। बताते है कि इस भ्रमजाल में फंसकर कुछ बेरोजगार युवा उसके साथ जुड़ने का मन बना रहे हैं।
पांच दशक के दस्यु इतिहास में यह पहला मौका है कि किसी बड़े गैंग का सरगना कोल बिरादरी का हुआ है। ददुआ, ठोकिया, रागिया आदि के साथ कोल बिरादरी के कई डकैत राजू कोल, भुंडा, शिवकरण कोल आदि रहे। लेकिन किसी पर भी इनाम 50 हजार से ज्यादा नहीं हुआ। न ही कोई कभी किसी गैंग का सरदार बन सका। ज्यादातर कोल डकैत मारे जा चुके हैं। बबुली कोल गैंग ही पाठा में बचा है। जिस पर ढाई लाख का इनाम है।