बांदा में अतर्रा क्षेत्र के गांव नंदना मेें तालाब खुदाई के दौरान निकले प्राचीन अवशेष।
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अतर्रा (बांदा)। नंदना गांव में मनरेगा के तहत हो रही तालाब खुदाई के दौरान प्राचीन मूर्तियां और खंडहर के अवशेष मिले। खबर पाते ही एसडीएम ने मुआयना किया। उन्होंने बताया कि फिलहाल खुदाई रोक दी गई है। पुरातत्व विभाग को पत्र भेजा जा रहा है। वहां से टीम के आने के बाद खुदाई होगी, तभी पता चलेगा मूर्ति और खंडहर के अवशेष किस काल के हैं। मूर्तियों और ईंटों को सुरक्षित रख लिया गया है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि ईंटें चंदेलकालीन हैं।
नंदना गांव मेें भवानीदाई तालाब इस वर्ष सूख गया है। मनरेगा से लगभग 11 लाख रुपये खर्च करके इसकी गहराई बढ़ाई जा रही है। रविवार को छह फिट की गहराई पर पक्की ईंटों के निर्माण वाले खंडहर निकल आए। थोड़ा और खोदने पर पत्थर की मूर्तियां और उनके अवशेष मिले। गांव के बुुजुर्गों का कहना है कि ईंटें चंदेल कालीन हैं। ये लगभग 200 वर्ष पुरानी हैं। मूर्तियां शंकर, हनुमान व लक्ष्मी की हैं। इनमें ज्यादातर खंडित हो चुकी हैं। कुछ हड्डियों के अवशेष भी मिले हैं। एक कुआं भी पाया गया है। खबर फैलने पर दूर-दूर से लोग तालाब पर आ जुटे। उप जिलाधिकारी एके पुष्कर ने जांच पड़ताल के बाद खुदाई पर रोक लगा दी। इस तालाब के पास ही एक देवी मंदिर भी है। यह मंडिया देवी मंदिर भी कहलाता है। ग्राम पंचायत सदस्य रामशरण और प्रधान नंद किशोर वर्मा बतातेे हैं कि इस मंदिर के नीचे एक और मंदिर होने की बात कही जाती है।