कमासिन (बांदा)। लॉकडाउन में फंसे पलायित परिवार का मुखिया मजदूर आंधी से गिरे आम के पेड़ की चपेट में आकर गाजियाबाद में गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद पत्नी उसे किराए के वाहन से पैतृक गांव ला रही थी। रास्ते में उसकी मौत हो गई। अनुसूचित जाति का युवा मजदूर अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चे छोड़ गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
थाना क्षेत्र के अंदौरा गांव का संतराम पुत्र भगवानदीन गाजियाबाद में प्रवासी मजदूर था। वह फरवरी में वहां गया था। वहां निर्माणाधीन इमारतों में बेलदारी करता था। 25 मार्च को लॉकडाउन में काम बंद हो गया, लेकिन वह घर नहीं लौट सका। साथ में उसकी पत्नी सीमा और 10 वर्षीय पुत्री संध्या और चार वर्ष का पुत्र चंद्रभान भी थे।
पत्नी ने बताया कि झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे थे। मंगलवार को दिन में दो बजे झोपड़ी के सामने पलंग पर आराम करते समय आम के पेड़ की डाल टूटकर संतराम के ऊपर आ गिरी। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पत्नी उसे गाजियाबाद के सरकारी अस्पताल ले गई। वहां प्राथमिक उपचार कराया।
इसके बाद किराए का वाहन करके गांव अंदौरा आ रही थी। रास्ते में संतराम की मौत हो गई। पत्नी सीमा ने बुधवार को यहां थाने में सूचना दी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्राम प्रधान शंभू प्रसाद ने मृतक के परिजनों की आर्थिक मदद की है।
पेड़ से गिरकर किसान की मौत
नरैनी। कोतवाली क्षेत्र के पनगरा गांव में बुधवार को सुबह भैरम उर्फ शंखा गर्ग (35) पुत्र भूरेलाल अपने खेत में लगे पेड़ पर चढ़कर आम तोड़ रहा था। तभी वह नीचे आ गिरा।
गंभीर हालत में उसे सीएचसी लाया गया। यहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां कुछ देर में उसकी मौत हो गई। मृतक तीन बीघे का किसान था।