बांदा। कोरोना की संभावित दूसरी लहर के मद्देनजर एक बार फिर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुट गया है। नई गाइड लाइन के मुताबिक अब एक पॉजिटिव मरीज मिलने पर उसके निवास का 50 मीटर का दायरा कलस्टर और 100 मीटर एरिया रेडियस कलस्टर जोन बनाया जाएगा।
डीएम आनंद कुमार सिंह ने शासनादेश का हवाला देकर कहा है कि शीतकाल में कोविड-19 के रोगियों की वृद्धि को देखते हुए एल-2 और एल-3 स्तर के अस्पतालों में दवाएं, उपकरण, प्रशिक्षण और स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता के साथ संक्रमित मरीजों को भर्ती करने की पूरी तैयारी रहे। एल-1 अस्पतालों को भी तैयार रखा जाए। संक्रमण की मैपिंग करते हुए उन इलाकों को चिह्नित किया जाए, जहां से ज्यादा केस आ रहे हैं। कोरोना टेस्टिंग की सुविधा को आसान और सुलभ बनाया जाए। डीएम ने कहा कि आम नागरिक भी सतर्कता बरतें। गांव और मोहल्लों में निगरानी समिति तथा रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को सक्रिय किया जाए।
डीएम ने कहा है कि निगेटिव हो गए संक्रमित मरीज कई शारीरिक परेशानियों से गुजरते हैं। इनकी सहायता और इलाज के लिए सभी जिला अस्पतालों में पोस्ट कोविड केयर सेंटर स्थापित किए जाएं। राजकीय प्रसव केंद्रों में गर्भवती महिलाओं के प्रसव के समय जांच के लिए एंटीजेन किट उपलब्ध रहे। प्रसव के लिए आने वाली किसी भी गर्भवती महिला को सीएचसी व पीएचसी से कोविड-19 जांच के नाम पर वापस न किया जाए। डीएम ने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को इन सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा।