बांदा। बुंदेलखंड और खासकर चित्रकूटधाम मंडल में वर्ष 2019-20 में हुए पौधरोपण की थर्ड पार्टी मानीटरिंग अब शासन करा रहा है। थर्ड पार्टी मॉनीटरिंग का जिम्मा फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (एफएसआई/भारतीय वन सर्वेक्षण) संस्थान, देहरादून को सौंपा गया है। संस्थान मंडल के गांवों में किए गए पौधरोपण की जांच कई बिंदुओं पर करेगा, साथ ही अन्य संभावनाओं पर विचार कर शासन को रिपोर्ट में सलाह भी देगा।
इसके लिए प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक ने बुंदेलखंड के मुख्य वन संरक्षक को निर्देश जारी किए कि ग्राम पंचायतों के पौधरोपण का माइक्रोप्लान और जिले व राज्य की सीमा से बाहर हुए पौधरोपण की जांच रिपोर्ट मुख्यालय को इसी हफ्ते उपलब्ध कराना है। प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक (सामाजिक वानिकी), उत्तर प्रदेश लखनऊ कार्यालय के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने 17 जनवरी को पत्र जारी किया था। बुंदेलखंड के मुख्य वन संरक्षक को भेजे पत्र में कहा कि एफएसआई देहरादून द्वारा 2019-20 में पौधरोपण की थर्ड पार्टी मॉनीटरिंग की जानी है। मुख्य वन संरक्षक ने पत्र के साथ मंडल के चारों जनपदों में बांदा और चित्रकूट के 14-14, महोबा और हमीरपुर के 10-10 गांवों की सूची और वहां रोपे गए पौधों की संख्या भी भेजी है। इन सभी गांवों में एक लाख 3 हजार 548 पौधे इस वर्ष लगाए गए हैं। कहा कि विभागीय पौधरोपण के पालीगन (बहुकोण) राज्य की सीमा के बाहर भी देखे जा रहे हैं। अत: इनकी जांच कराकर इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराएं और पीएमएस पर अपलोड भी करें। ये आदेश आने के बाद चित्रकूटधाम मंडल के वन संरक्षक ने मंडल के चारों विभागीय वनाधिकारियों को निर्देश दिए कि एफएसआई थर्ड पार्टी मॉनीटरिंग के लिए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। एफएसआई जांच में कई बिंदुओं को शामिल करेगा, जिसमें मानक के अनुसार पौधरोपण हुआ कि नहीं, कितने पौधे रोपे गए और इनमें से कितने बचे हैं, के साथ आगे पौधरोपण के मामले में और कितना बेहतर हो सकता है, या किया जा सकता है, इस पर भी विचार करेगा।
वन संरक्षक, चित्रकूटधाम मंडल केके सिंह ने बताया कि मंडल के चारों प्रभागीय वनाधिकारियों को प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक के पत्र से अवगत करा दिया गया है। साथ ही पत्र में दिए गए बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।