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मिस्कीन शाह और मखदूम रब्बानी का उर्स

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उर्स मखदूम रब्बानी में नात पेश करते मौलाना रब्बानी। - फोटो : BANDA
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बांदा। हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक मिस्कीन शाह वारसी का 101वां तीन दिवसीय उर्स मंगलवार को शुरू हो गया। उधर, मखदूम रब्बानी मनाया गया। नरैनी रोड स्थित दरगाह में सुबह कुरान ख्वानी और संदल की रस्म हुई। बड़ी संख्या में लोगों ने चादर पोशी, गुलपोशी और फातेहा की। दोपहर बाद ईदगाह चौराहे के पास स्थित मरहूम सगीर हुसैन उर्फ सग्गन मास्टर के आवास से चादर जुलूस उठा। गूलरनाका स्थित कसीम वारसी के आवास पहुंचा। यहां से दरगाह के लिए रवाना हुआ। तगय्युर शाह व शराफत बाबा (कानपुर), बेनजीर शाह वारसी (लखनऊ) सहित मुनव्वर शाह, हसीन शाह, अजमल शाह, अल्ला रक्खू वारसी आदि शामिल रहे। उधर, उर्स-ए-मखदूम की सदारत सज्जादानशीन सैय्यद खुश्तर रब्बानी ने की। मजार पर चादरपोशी हुई। अलीगंज स्थित काशाना-ए-रब्बानी और कच्चा तालाब स्थित कादरी चमन में तरही व मनकबती मुशायरा हुआ। सैय्यद मेराज मसूदी उर्फ अकील मियां, सैय्यद आफताब मसूदी, आमिल मसूदी, मुमताज रब्बानी, कामिल, यासिर, गौहर, रहबर, असअर, वाजिद मियां, हस्सान मसूदी आदि शामिल रहे।
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