शव से चिपटकर रोती मां व परिवार के सदस्य।
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हरियाणा दबिश देने गए सिपाही की वापसी के दौरान सड़क हादसे में मौत हो गई। उनके साथ घटना अन्य चार लोग भी हताहत हो गए थे। बुधवार को सिपाही का शव उनके गांव पहुंचा, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। सिपाही के शव को उनके भाई इंद्रजीत ने मुखाग्नि दी। बोला, तेरे बिना मैं अकेला हो गया...काश तू न जाता।
क्षेत्र के ब्यौंजा गांव निवासी गुलाब चंद्र के पुत्र अशोक कुमार (28) जालौन जिले के उरई कोतवाली में सिपाही पद पर तैनात थे। अपहरण के एक मामले में वह दो दरोगा, दो सिपाही व ड्राइवर के साथ हरियाणा में दबिश देने गए थे। वहां से लौटते समय नूंह के पास एक्सप्रेस वे में सभी सड़क हादसे का शिकार हो गए। सिपाही दो भाइयों में छोटा और अविवाहित था। उनके तीन बहने भी हैं। करीब एक माह पहले उनके पिता की मौत हो गई थी। घटना से मां सुहदिया का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के नाम तीन बीघा जमीन भी है।