ग्रामीण पपरेंदा गांव में हाइवे पर जाम लगाए हुए।
- फोटो : अमर उजाला
बांदा। बैंकों में कैश के संकट से कानून व्यवस्था गड़बड़ा रही है। आए दिन सड़क जाम और हंगामों के बीच बैंकों में ताले जड़े जा रहे हैं। पुलिस भी उनको रोक नहीं पाई। बुधवार को ओरन में कैश न मिलने से उत्तेजित खाताधारकों ने बैंक में ताला जड़ दिया और चौराहे पर जाम लगा दिया। इसी तरह पपरेंदा गांव में कैश न देने से भड़के ग्रामीणों ने बांदा-कानपुर मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। ओरन प्रतिनिधि के मुताबिक सुबह से ही इलाहाबाद बैंक और इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखाओं में खाताधारक इकट्ठा थे। लगभग चार सैकड़ा लोग अपनी जमा पूंजी निकालने के लिए लाइन में लग गए। 10 बजे बैंक खुलते ही कर्मचारियों ने बैंक में कैश न होने की सूचना दी।
इस पर ग्रामीण भड़क गए। बैंक के मुख्य गेट पर लगे शटर गिराकर बंद कर दिए। मुख्य चौराहे पर धरना देकर जाम लगा दिया। खाताधारकाें का कहना था कि वह दो दिन से लगातार खाली लौट रहे हैं। अतर्रा से आए तहसीलदार धीरेंद्र सिंह और थाना प्रभारी हरीशरण सिंह तथा ओरन चौकी प्रभारी लाखन सिंह निषाद ने करीब चार घंटे बाद जाम खुलवाया। इलाहाबाद बैंक मैनेजर प्रवीण कुमार और इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक मैनेजर जितेंद्र सिंह ने बताया कि दो दिनों से कैश नहीं मिल रहा है। उधर, खप्टिहाकलां प्रतिनिधि के मुताबिक कई दिनों से अपने खातों से पैसा निकालने के लिए परेशान अतरहट व पपरेंदा गांवों के ग्रामीणों का बुधवार को उस वक्त धैर्य टूट गया जब बैंक के बाहर उन्हें यह नोटिस चस्पा मिली कि कैश खत्म हो गया है। एक वृद्ध महिला बेहोश भी हो गई। उत्तेजित लोगों ने सुबह आठ बजे बांदा-कानपुर हाइवे ठप कर दिया। चार घंटे जाम रहा। पुलिस और एसडीएम ने समझा-बुझाकर जाम खत्म कराया। उधर, बैंक प्रबंधक जेपी पांडेय का कहना था कि रिजर्व बैंक से पर्याप्त संख्या में कैश नहीं मिल पा रहा है। उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। पैसा आने पर बांटा जाएगा।
व्यापारियों ने ढाई लाख जमा कर बंटवाए
ओरन। कैश न होने से भड़क उठे खाताधारकों को यहां के व्यापारियों ने बैंक के माध्यम से अपनी पूंजी देकर शांत कराया। बैंक में बवाल के बाद यहां के प्रमुख व्यापारी अशोक शिवहरे, रामबाबू शिवहरे, शिवपूजन गुप्ता, कुलदीप शिवहरे, संतोष शिवहरे आदि ने अपनी दुकानों की फुटकर बिक्री में मिले ढाई लाख रुपये बैंक में जमा किए। तब बैंक ने यह पैसा खाताधारकों को बांटा। इससे काफी लोगों को राहत मिली।