बांदा। दीपावली पर हुई आतिशबाजी की धुंध और ठंड के चलते पिछले कुछ दिन में सांस के रोगी बढ़े हैं। ऐसे में जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 35 से 40 मरीज इलाज कराने आ रहे हैं। इसी तरह मेडिकल कॉलेज में भी पर्व के बाद करीब 10-12 मरीज पहुंच रहे हैं। दम फूलने से उन्हें ऑक्सीजन और इन्हलाइजेर दिया जा रहा है।
जिला अस्पताल में शनिवार को ओपीडी में 1069 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इस दौरान फिजीशियन के कक्षों के बाहर मरीजों की ज्यादा भीड़ रही। इनमें लगभग पांच फीसदी मरीज दम फूलने वाले शामिल रहे। फिजीशियन की ओपीडी में 37 मरीज इलाज को पहुंचे तो सभी सांस रोगी थे, जिन्हें दीपावली के बाद धुआं की धुंध व सर्दी की वजह से अस्थमा की शिकायत बढ़ गयी है।
पिछले वर्ष दीपावली के बाद जिला अस्पताल में महज 10-15 मरीज इलाज कराने आ रहे थे। वहीं इस बार इन बीमारी से संबंधित मरीजों की संख्या लगभग तीन गुना बढ़ गई है। उधर रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में शनिवार को ओपीडी में 939 मरीज इलाज कराने आये। इनमें लगभग 12 मरीज सांस के थे। उन्हें इलाज के बाद दवा थमा कर चलता कर दिया गया। जिला अस्पताल में फिजीशियन डॉ. हृदेश पटेल, वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एसडी त्रिपाठी और मेडिकल कालेज में डॉ. शैलेन्द्र यादव ने मरीजों की जांच कर दवाएं लिखी।
ट्रॉमा सेंटर चिकित्साधिकारी डॉ. विनीत सचान ने बताया कि सर्दी के मौसम में अस्थमा के मरीज बढ़ जाते हैं। उनके लिए धुआं और धुंध खतरनाक होता है। ऐसे में सावधानी ही बचाव है। दवा लेते रहें। इन्हेलर साथ में रखें। धूल, धुआं व धुंध से बचें। अपने मन से दवा न करें।