बांदा। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में विश्व बांस दिवस (18 सितंबर) के उपलक्ष्य में दो दिवसीय आभासी बांस कार्यशाला का आयोजन किया गया। कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने ग्रामीणों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति के उत्थान में बांस के महत्व प्रकाश डाला।
बुंदेलखंड क्षेत्र के निवासियों के लिए बांस महत्वपूर्ण आर्थिक संसाधन हो सकता है। बांस के उपयोग के लिए बांस का रोपण आवश्यक है। क्षेत्रीय निदेशक, दक्षिण एशिया (आईएनबीएआर) डॉ. संगीता अगस्ती ने बांस के अवसरों की जानकारी दी।
बांस और रतन में अनुसंधान और कौशल को बढ़ावा देने को कहा। अध्यक्ष वानिकी महाविद्यालय डॉ. संजीव कुमार ने बांस और उसके उत्पादों के लिए की जा रही पहल की जानकारी दी। समापन उत्तराखंड के डॉ. सलिल तिवारी ने किया।
इस अवसर पर डॉ. बीके सिंह, डॉ. एसके सिंह, डीन डॉ. जीएस पवार, डॉ. अजय सिंह, डॉ. एसी मिश्रा, डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. दिनेश गुप्ता, डॉ. शालिनी पुरवार, डॉ. बीएस राजपूत आदि मौजूद रहे।