बांदा। तांत्रिक के सहयोग से तंत्र मंत्र पर विश्वास करके देवर को प्रताड़ित करने व उसे आत्महत्या को प्रेरित करने के मामले में तत्कालीन स्टेनो की जमानत अर्जी जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने खारिज कर दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार व अपर शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर पाल ने बताया कि अतर्रा थाना के मोहल्ला लालथोक निवासी रम्मी ने 14 अक्तूबर 2023 को प्राथमिकी दर्ज कराई कि उसकी संगीता पत्नी राजेश ने अपने मित्र तांत्रिक के साथ अपने देवर को प्रताड़ित किया।
जिससे क्षुब्ध होकर उसने आत्महत्या कर ली। इस मामले में संगीता की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। इधर कोतवाली नगर में 26 दिसंबर 1995 को तत्कालीन प्रभारी अधिकारी शस्त्र एसएन त्रिवेदी ने अपने अधीनस्थ दो कर्मचारियों लालाराम धुरिया निवासी बलखंडीनाका सेवानिवृत्त स्टेनो व कृष्णकुमार अवस्थी पेशकार नगर मजिस्ट्रेट व अन्य सात के खिलाफ आपराधिक षड़यंत्र के तहत कूटरचित व छल कारित करके तत्कालीन प्रभारी अधिकारी शस्त्र के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर शस्त्रों को अवमुक्त कराने का आदेश पारित करके व फर्जी आदेश जारी करके शस्त्रों की बिक्री करते थे।
उक्त मामले में आरोपियों ने उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त किया था। स्थगन आदेश खारिज होने के बाद लालाराम धुरिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई।