बांदा। मानसून ने विदा होते-होते जमकर बारिश की। पिछले तीन दिनों में 110 मिलीमीटर पानी गिरा। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक और बारिश होने के संकेत दिए है। जिला प्रशासन ने भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है और केन व यमुना नदी के तटवर्ती गांवों में निगरानी बढ़ा दी है।
जून से लेकर अगस्त तक मानसून पिछड़ता चला गया। तीनों महीनों में औसत से कम बारिश हुई। जिला प्रशासन ने सूखे की आशंका के चलते तैयारियां भी शुरू कर दी। लेकिन सितंबर की शुरूआत होते ही मानसून ने ऐसी दस्तक दी कि चारों तरफ पानी ही पानी हो गया। तीन दिन से रूक-रूककर झमाझम बारिश हो रही है।
कृषि विभाग के आंकड़ों की माने तो जनपद में तीन दिनों में 110 मिली मीटर पानी बरसा। अब तक सितंबर माह 13 दिनों में 175 मिली मीटर बारिश हुई। जो सामान्य बारिश 157 से 18 मिली मीटर अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार अभी दो दिनों तक बारिश और होने के आसार है। बारिश हुई तो इस वर्ष बारिश पिछले पांच सालों के रिकाॅर्ड तोड़ देगी।
उधर, लगातार हो रही झमाझम बारिश से प्रशासन भी सकते में आ गया है। जिलाधिकारी ने बारिश को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों को केन, यमुना सहित सहयोगी नदियों के तटवर्ती गांवों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए है।
जनपद में सितंबर माह में सामान्य बारिश 157 मिलीमीटर होनी चाहिए। मौसम विभाग के अनुसार 2018 में 153, 2019 में 230, 2020 में 118, 2021 में 188 और 2022 में 200 मिली मीटर बारिश हुई थी। 2023 में अब तक 175 मिली मीटर बारिश रिकार्ड की गई है। अभी और बारिश के संकेत है।
बारिश से शहर हो या गांव सभी जगह जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। नाले-नालियों के चोक होने से बरसात का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। ऐसे में लोग खासे परेशान है। घंटों घरों में भरा पानी निकालने में जुटे रहते है। निचली बस्तियों में टापू जैसा नजारा है। एक फिट तक पानी भरा हुआ है।
तीन दिनों से हो रही झमाझम बारिश से धान खिल उठा है, लेकिन मूंग, उर्द, तिल की फसल को खासा नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भर जाने से यह फसलें सड़ रही हैं। किसानों का कहना है कि सितंबर की बारिश न केवल खरीफ को बल्कि रबी को भी फायदेमंद है। लेकिन अधिक बारिश से खरीफ को नुकसान है।
बांदा। बारिश से बांदा-नरैनी राजमार्ग पर गिरवां बस स्टैंड के पास जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। यहां पर दुकानदारों ने दुकानों के सामने की रोड पटरी को ऊंचा कर लिया है। इससे सड़क पर एक फिट तक पानी भरा है। वाहनों सहित आम लोगों को आने जाने में दिक्कतें हो रही है।
उधर, जल जीवन मिशन ने सड़क के किनारे रोड पटरी को खोदकर पाइप लाइन तो डाल दी है लेकिन पक्का न करने से कीचड़ हो रहा है। आए दिन लोग गिरकर चुटहिल हो रहे है। खप्टिहाकला संवाद सहयोगी के अनुसार रेंहुटा गांव में बारिश के दौरान तेज चमक के साथ होलीलाल के मकान की छत पर बिजली गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन कोई हादसा नहीं हुआ।
उधर, केन नदी का जलस्तर बढ़ने से एसडीएम पैलानी शशिभूषण मिश्र ने नदी के तटवर्ती गांवों के लोगों को सतर्क किया है। लेखपालों को जल स्तर पर निगरानी को कहा है। तीन दिन से हो रही बबेरू संवाद सहयोगी के अनुसार बारिश से टोला कला का नाला उफनाने लगा है। बारिश का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। जिससे वाहन सहित पैदल आने जाने वालों को दिक्कतें हो रही है।
इसी प्रकार औगासी रोड जो फतेहपुर राष्ट्रीय राज्य मार्ग को जोड़ता है। क्षतिग्रस्त पड़ा है। गड्ढों में जलभराव व कीचड़ से लोग गिरकर घायल हो रहे है। नरैनी संवाद सहयोगी के अनुसार बारिश से लहुरेटा मुख्य मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से जल भराव व दलदल हो गया है। लो जिससे ग्रामीणों सहित स्कूल जाने वाले बच्चों को खासी दिक्कतें हो रही है। बदौसा संवाद सहयोगी के अनुसार बरछा (ब) के झब्बू पुरवा पक्का रास्ता न होने से बरसात में कीचड़ भरे रास्ते से स्कूली बच्चों सहित ग्रामीण गुजर रहे है।