बांदा। शहर कोतवाली क्षेत्र के जरैली कोठी मोहल्ला निवासी काजल यादव (24) ने शुक्रवार को सुबह घर से कुछ दूरी पर लगे पेड़ से रस्सी से फंदा लगा लिया। परिजनों ने देखा तो उसे फंदे से उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उसे कानपुर के लिए रेफर कर दिया।
परिजन उसे लेकर कानपुर जा रहे थे। चिल्ला गांव के पास उसने दम तोड़ दिया। दोपहर के समय वह काजल को फिर लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां ड्यूटी में तैनात डॉ. विनीत सचान ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉ. विनीत सचान ने पोस्टमार्टम कराने के परिजनों से कहा, लेकिन वह पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी नहीं हुए और शव लेकर जिला अस्पताल से चले गए।
उधर, चचेरे भाई उमेश ने बताया कि काजल ने किस वजह से यह आत्मघाती कदम उठाया उसे नहीं पता। दो भाई दो बहनों में वह सबसे बड़ी थी। शहर के एक डिग्री कॉलेज से बीए फाइनल की छात्रा थी। देर शाम चचेरे भाई उमेश ने बताया कि शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। उधर, शहर कोतवाल पंकज सिंह ने इस प्रकरण से अनभिज्ञता जताई है।
वर्जन....
क्षेत्राधिकारी नगर को निर्देशित किया गया है। कोतवाली पुलिस से इस प्रकरण की जानकारी की जा रही है। जो भी न्यायोचित कार्रवाई होगी वह अमल में लाई जाएगी। -शिवराज, अपर पुलिस अधीक्षक, बांदा।
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सुबह 10 बजे के करीब जरैली कोठी मोहल्ले की एक युवती को उसके परिजन जिला अस्पताल लाए थे। उसके गले में फंदे के निशान थे। उसकी हालत गंभीर थी, उसे हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया था। दोपहर एक बजे करीब वह उसे फिर लेकर वापस आए। यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया था। परिजनाें से शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा गया था, लेकिन वह शव लेकर चले गए थे। परिजन खुदकुशी की वजह घरेलू नाराजगी बता रहे थे। -डॉ. विनीत सचान, ईएमओ, ट्रामा सेंटर, जिला अस्पताल बांदा।