फोटो-14-अमर उजला में 8 सितंबर के अंक में प्रकाशित खबर।
फोटो-15-बुंदेलखंड एक्सप्रेवे पर धंसी स्लैब को तोड़ता कर्मचारी। अमर उजाला
फोटो-16-बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रेन कट पर डाली गई मिट्टी और पत्थर व मौजूद मजदूर। अमर उजाला
-मिट्टी डालकर भरे जा रहे गहरे गड्ढे, कटान रोकने के लिए लगाए जा रहे पत्थर
-धंसी स्लैब को भी काटने का काम शुरू, फेंसिंग की भी होगी मरम्मत
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बारिश से हुए रेन कट और अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों की आखिरकार मरम्मत शुरू हो गई है। अमर उजाला ने आठ सितंबर के अंक में एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 54 से 56 तक हुए एक दर्जन से अधिक रेन कट और अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदारों ने बृहस्पतिवार से मरम्मत का काम शुरू करा दिया।
चित्रकूट से औरैया जाने वाली लेन में किलोमीटर 54 से 56 के बीच एक दर्जन से अधिक स्थानों पर बारिश के पानी से मिट्टी कट गई थी। कई जगह तीन से चार फीट तक गहरे गड्ढे हो गए थे। इससे एक्सप्रेसवे के किनारे कटान बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया था। अब इन रेन कट को मिट्टी डालकर भरा जा रहा है। साथ ही भविष्य में दोबारा कटान रोकने के लिए प्रभावित स्थानों पर पत्थर लगाए जा रहे हैं।
बांदा-चिल्ला हाईवे के पास भी एक्सप्रेसवे के एक स्ट्रक्चर में बारिश के बाद नुकसान हुआ था। यहां पैनल धंस गए थे और उनके ऊपर पड़ी आरसीसी करीब एक फीट तक ऊपर लटक गई थी। बृहस्पतिवार को क्षतिग्रस्त आरसीसी को हैमर से तोड़ने का काम किया गया। इसे हटाने के बाद दोबारा स्लैब कास्ट किए जाएंगे।
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दो दिन में दूर होंगी सभी कमियां
परियोजना निदेशक बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे कमलेश कुमार ने बताया कि रेन कट और अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है। क्षतिग्रस्त फेंसिंग को भी ठीक कराया जाएगा। दो दिन में सभी रेन कट और अन्य कमियां दूर कर दी जाएंगी।
फोटो-14-अमर उजला में 8 सितंबर के अंक में प्रकाशित खबर।
फोटो-14-अमर उजला में 8 सितंबर के अंक में प्रकाशित खबर।