बांदा। अमर उजाला फाउंडेशन की नवंबर में आयोजित ‘अतुल
माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा’ में बांदा जनपद में एक मात्र सफल रहे
10वीं कक्षा के शुभम नामदेव को बुधवार (10 फरवरी) को दिल्ली में
छात्रवृत्ति की राशि सौंपी जाएगी।
शुभम अपने पिता के साथ सोमवार को
ट्रेन से दिल्ली रवाना होगा। गरीब घराने के मेधावी छात्र शुभम का कहना है
कि उसने पिछली कक्षाआें की पुरानी किताबें पढ़कर छात्रवृत्ति परीक्षा दी
थी।
छात्रवृत्ति परीक्षा पूरे देश में हुई थी। चित्रकूटधाम मंडल की
परीक्षा बांदा में जेएन डिग्री कालेज में 22 नवंबर में हुई थी। इसमें 332
छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे।
पिछले महीने परीक्षा का नतीजा घोषित
हुआ। बांदा जनपद में एक मात्र छात्र शुभम ने सफलता हासिल की है। वह जीआईसी
बांदा मेें 10वीं का छात्र है।
तीन भाइयों में दूसरे नंबर का है।
बड़ा भाई सौरभ 11वीं और छोटा भाई शिवम 9वीं कक्षा में है। आमदनी का जरिया
मात्र पिता कैलाश कुमार द्वारा घर में ही खोली गई छोटी सी किराने की दुकान
है।
तंगहाली के बावजूद कैलाश अपने तीनों बेटों को पढ़ा रहे हैं।
पिछले वर्ष की अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में शुभम के बड़े भाई
सौरभ ने सफलता पाई थी।
शुभम ने बताया कि वैसे तो वह रोजाना स्कूल
के अलावा 3-4 घंटे में पढ़ाई करता है। छात्रवृत्ति परीक्षा की तैयारी 10
दिनों में की। बताया कि कक्षा छह से नौ तक के कोर्स की पुरानी किताबों की
जमकर पढ़ाई की।
इसी में उसे सफलता मिली। शुभम का इरादा आईआईटी करने
का है। उसने अन्य छात्र-छात्राओं को संदेश दिया कि पुरानी किताबों का भी
अध्ययन करें। मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।
उधर, पिता का कहना है कि
तंगहाली में बच्चों को कोचिंग और ट्यूशन जैसी सुविधाएं मुहैया न करा पाने
के बावजूद उसके बच्चे मेहनत के बलबूते मेधावी बन रहे हैं। ‘अमर उजाला’ की
छात्रवृत्ति योजना को दिल खोलकर सराहा।
मेधावी बेटा अपने पिता के
साथ छात्रवृत्ति हासिल करने को आठ फरवरी को यहां महाकौशल एक्सप्रेस से
दिल्ली रवाना होगा। ‘अमर उजाला’ ने उसके लिए रिजर्वेशन कराया है।