मंडलीय भूगर्भ जल संवर्धन गोष्ठी में बोलते आयुक्त एल वेंकटेश्वर लू।
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बांदा। मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू ने बुंदेलखंड में अतिदोहन पर चिंता जताते हुए कहा कि इसके नतीजे में भूजल स्तर तेजी से नीचे खिसक रहा है। दैवी आपदाओं की वजह भी यही है। उन्होंने आम लोगों का आह्वान किया कि ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाकर उन्हें संरक्षित करें और वर्षा जल का संचयन करें।
मयूर भवन सभागार में सोमवार को मंडलीय भूगर्भ जल संवर्धन गोष्ठी हुई। मंडलायुक्त ने कहा कि खेत-तालाब योजना के तहत तालाब बनवाने वाले किसानों को जल्द सम्मानित किया जाएगा। बड़े काश्तकारों को भी तालाब के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
संयुक्त विकास आयुक्त उमाशंकर पांडेय ने कहा कि जखनी (महुआ) गांव के किसानों से प्रेरणा लें। वहां किसानों के प्रयास से तमाम तालाब और कुएं बनाए गए। इससे यहां भीषण सूखे की स्थिति में भी जल स्तर सामान्य रहा। डीएम योगेश कुमार ने बाढ़ व बारिश के पानी को रोककर उनसे रिचार्ज करने और खेते में भरे अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए भी सुझाव मांगे।
गोष्ठी में पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि खेत-तालाब योजना बुंदेलखंड के लिए बेहद फायदेमंद है। किसान उपलब्ध जल का सदुपयोग करें। सीडीओ आरके सिंह ने भूमि संरक्षण के चेकडैमों को सही जगह बनाने और रूफ टॉफ हार्वेस्टिंग करने को कहा। भूगर्भ जल के अधिशाषी अभियंता एके मिश्रा ने बुंदेलखंड में पानी की उपलब्धता के बारे में बताया। डीएफओ प्रमोद गुप्ता, डीडीओ एसपी सिंह, बीएसए एसएन सिंह मौजूद रहे।