बांदा। मिड-डे मील में फर्जीवाड़ा करने वाले सात प्रधानाचार्यों को सस्पेंड कर दिया गया। बीएसए ने खुद निरीक्षण में यह गड़बड़ियां पकड़ी थी। दो खंड शिक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर जांच के आदेश दिए हैं।
बीएसए ओम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि डीएम के निर्देश पर उन्होंने अलग-अलग दिनों में परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मिड-डे मील में फर्जीवाड़ा सामने आया। प्राथमिक विद्यालय, अतरहट (तिंदवारी) में बिना एमडीएम बनाए ही 40 बच्चों को उपस्थित दिखाकर राशन व कन्वर्जन कास्ट का पैसा हड़प लिया गया। यहां प्रधानाध्यापक साधना देवी हैं।
नरैनी क्षेत्र के विद्यालयों में भी फर्जीवाड़ा पाया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय, उदयपुर में प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार हैं। यहां सात बच्चे उपस्थित मिले। 32 से ज्यादा बच्चों को मिड-डे मील का भोजन कराना दर्ज किया जाता रहा। प्राथमिक विद्यालय, दुबरिया में प्रधानाध्यापक गीता कुशवाहा हैं। यहां नौ बच्चे उपस्थित मिले, जबकि 40 से 50 बच्चों को हर रोज भोजन खिलाने की सूचना दी जा रही थी।
प्राथमिक विद्यालय, टानी का पुरवा में प्रधानाध्यापक रमेश प्रजापति हैं। यहां सिर्फ चार बच्चे मिले, जबकि हर रोज 25 से ज्यादा बच्चों का भोजन कराना दिखाया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय, निजामी नगर में प्रधानाध्यापक महेंद्र गुप्ता हैं। यहां आठ बजे सुबह एक भी बच्चा नहीं मिला। यहां भी हर रोज 40 बच्चों को भोजन कराने की रिपोर्ट दी जा रही है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय, उसरा पुरवा में प्रधानाध्यापक सुशील कुमार यादव हैं। यहां 6 बच्चे उपस्थित मिले। जबकि 30-40 बच्चों को मिडडे मील देना दर्शाया जा रहा था। प्राथमिक विद्यालय, हल्दी पुरवा में पांच बच्चे उपस्थित पाए गए।
यहां प्रधानाध्यापक संतोष कुशवाहा 30 बच्चों को हर रोज भोजन कराने की रिपोर्ट दे रहे थे। बीएसए ने उपरोक्त सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एमडीएम जिला समन्वयक डी. भाष्कर ने बताया कि बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर जांच सौंपी है। जांच रिपोर्ट आने पर इन प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई होगी।