घटना के बाद रोती-बिलखती मां। वीडियोग्रैब्स
बांदा। कानपुर नगर निगम में तैनात असिस्टेंट इंजीनियर (एई) के बेटे ने छत में बने बरामदे में फंदा लगाकर जान दे दी। आत्महत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के बिजली खेड़ा मोहल्ला निवासी तोताराम ने बताया कि वह कानपुर नगर निगम में एई पद पर तैनात हैं। वह नौकरी के चलते कानपुर में ही रहते हैं। बुधवार रात देर रात उनके इकलौते बेटे ओमप्रकाश (26) ने मकान की छत में बने टिनशेड वाले बरामदे में लगी धन्नी से चादर से फंदा लगा लिया। बृहस्पतिवार को सुबह जब परिजन सीढ़ी चढ़कर छत में गए तो दरवाजे की कुंडी बंद थी। उन्होंने कुंडी खोलकर देखा तो वह बरामदे में फंदे से लटका मिला।
परिजन ने शव को उतार लिया। बाद में स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की है। पिता तोताराम का कहना है कि वह नौकरी के सिलसिले में कानपुर रहते हैं, उन्हें नहीं पता कि उनके पुत्र ने खुदकुशी क्यों की। इस बारे में जानकारी नहीं है। ओमप्रकाश चार बेटियों में इकलौता बेटा था। वह बीए और आईटीआई कर चुका था। घर में मां शिवकली और दो अविवाहित बहनें रहती हैं। शहर कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया खुदकुशी है। युवक के पिता पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं थे, बाद में समझाने पर पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे से मौत की पुष्टि हुई है।
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मोहल्ले में सुसाइड नोट मिलने की चर्चा रही आम
बांदा। उधर, मोहल्ले में एक सुसाइड नोट मिलने की चर्चा भी आम रही। मोहल्लेवासियों के मुताबिक, शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें सिर्फ एक लाइन मुझे उसकी इज्जत से नहीं खेलना चाहिए था, लिखा था। इसकी पुष्टि मोहल्ले के सभासद भी कर रहे हैं। हालांकि वह सुसाइड किसको मिला, यह कोई नहीं बता पा रहा। युवक के पिता तोताराम और पुलिस ऐसे किसी सुसाइड नोट की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। शहर कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि किसी भी तरह कोई सुसाइड नोट पुलिस को नहीं मिला है, और न ही युवक के पिता ऐसे किसी सुसाइड नोट की पुष्टि कर रहे हैं। (संवाद)