बांदा। नए कानूनों के विरोध में बुंदेलखंड के अधिवक्ताओं ने गुरुवार को बांदा संघ भवन में आंदोलन की हुंकार भरी। कहा कि इन कानूनों से वकीलों से ज्यादा आमजन को असुविधा होगी। आंदोलन को जनता के बीच भी ले जाया जाएगा। जागरूकता के साथ आंदोलन में सहभागिता की अपील की जाएगी।
बार संघ भवन में आयोजित बैठक में अध्यक्ष अशोक दीक्षित ने कहा कि नए कानूनों के विरोध में बहुत पहले ही विरोध होना चाहिए। बार कौसिंल ऑफ यूपी व दिल्ली को आगे आना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज बांदा को आगे आना पड़ा है। लड़ाई बड़ी है लेकिन सबका सहयोग मिला तो इस लड़ाई को दिल्ली तक लड़ेंगे और जीत कर रहेंगे। हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट सहित बुंदेलखंड भर के बार संघ अध्यक्षों ने इस लड़ाई में पूरा सहयोग दिए जाने का आश्वासन दिया।
कहा कि लड़ाई आरपार की होगी। अध्यक्षों ने कहा कि यह माना कि नए कानून से अधिवक्ताओं को दिक्कत होगी लेकिन इससे ज्यादा परेशानी आमजन को होगी। इस लिए इस आंदोलन को जनता के बीच ले जाया जाएगा। जागरूक करने के साथ ही सहयोग की अपील की जाएगी। पूर्व बार संघ अध्यक्ष शंकर सिंह, रामस्वरूप सिंह, अवधेश गुप्ता, जागेशवर यादव, ओम प्रकाश सहित महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, ललितपुर, सरीला सहित बबेरू, अतर्रा नरैनी आदि बार संघ अध्यक्ष व महासचिव आदि तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।
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वकीलों का अनशन शुरू
नए कानून के विरोध में वकीलों का बृहस्पतिवार से अनशन शुरू हो गया। बार संघ अध्यक्ष अशोक दीक्षित ने पूर्व बार संघ अध्यक्ष एजाज अहमद, चंद्रशेखर, भूपत यादव, राममिलन पटेल, हेमलता, राजेंद्र प्रसाद, बल्देव प्रसाद, रामप्रताप कुशवाहा, जयकरण श्रीवास्तव, संजय सिंह आदि को माला पहनाकर अनशन पर बैठाया। वकीलों के सहयोग की सराहना की।