वायरल वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि एआरएम चालक और परिचालक से ड्यूटी शिफ्ट के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे। जब चालक ने इसका विरोध किया, तो एआरएम भड़क उठे और गालीगलौज करने लगे। इस दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
वीडियो के वायरल होने के बाद चालक-परिचालक संगठन के सदस्यों ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी रोजाना स्टाफ से वसूली करते हैं, लेकिन विरोध करने पर दहशत फैलाने का काम करते हैं।
वहीं एआरएम मुकेश बाबू गुप्ता का कहना है कि वीडियो पुराना है, रविवार की सुबह नौ बजे लखनऊ एसी बस 9:20 पर जाती है। यह फतेहपुर डिपो की गाड़ी थी, जिसे रोका गया कि इसके बाद सवारी लेकर जाना, खाली गाड़ी क्यों लेकर जा रहे हो। बस इसी बात पर बस चालक अभद्रता करने लगा, जिस पर मैंने कहा कि मारेंगे तो... घूम जाओगे।
अनुबंधित बस चालक व रोडवेज अफसरों में हुआ समझौता
बीते चार दिन पहले मध्यप्रदेश की अनुबंधित बस व आरएम की बीच भी मारपीट की बात सामने आई थी। जिस पर मप्र बस के चालक व परिचालक ने सिविल लाइन चौकी में आरएम व अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट की तहरीर दी थी। इसे लेकर सिविल लाइंस चौकी प्रभारी आनंद साहू ने बताया कि दोनों पक्षों में लिखित समझौता हो गया है।