बांदा। भाजपा सांसद भैरो प्रसाद मिश्र सांसद निधि के
बंटवारे में भेदभाव कर रहे हैं। वे अपने गृह जनपद चित्रकूट पर ज्यादा
मेहरबान हैं, जबकि वे बांदा और चित्रकूट दोनों जनपदों के सांसद हैं।
वर्ष
2014-15 की सांसद निधि में तीन विधानसभा क्षेत्रों वाले बांदा जनपद को
उन्होंने सिर्फ 26 फीसदी 1.30 करोड़ रुपये दिये, जबकि दो विधानसभा क्षेत्र
वाले अपने गृह जनपद चित्रकूट के लिए 3.40 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह
खुलासा हुआ है आरटीआई से मांगी गई सूचना से।
आरटीआई एक्टिविस्ट व
कांग्रेस नेता संकटा प्रसाद त्रिपाठी द्वारा जन सूचना अधिकार अधिनियम के
तहत मांगी गई सूचना में चित्रकूट जनपद के डीआरडीए परियोजना निदेशक संतोष
कुमार ने सांसद निधि संबंधी उपलब्ध कराई सूचना में बताया है कि सांसद ने
वर्ष 2014-15 में पांच करोड़ निधि में बांदा जनपद को 1.30 करोड़ (26
प्रतिशत) रुपये दिए हैं। इससे 55 कार्य होने हैं, जबकि चित्रकूट जनपद में
41 कार्यों के लिए 3.40 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
निधि के
बंटवारे को लेकर सांसद ने वोटों का भी ख्याल नहीं रखा। चुनाव में भाजपा
सांसद भैरो प्रसाद मिश्र को बांदा जनपद के तीन विधानसभा क्षेत्रों से
2,00,125 वोट मिले थे, जबकि चित्रकूट के दोनों विधानसभा क्षेत्रों से
1,41,883 वोट मिले थे। सांसद को कुल मिले 3,42,066 वोटों में 23.30 फीसदी
वोटों का हिस्सा बांदा जनपद का था।
चित्रकूट के मात्र 16.52 फीसदी
वोट थे। बांदा विधानसभा क्षेत्र से 73,686, नरैनी से 69,703 और बबेरू से
56,736 वोट मिले थे, जबकि चित्रकूट जनपद के कर्वी विधानसभा क्षेत्र से
भाजपा सांसद को 77,264 और मानिकपुर से 64,919 वोट हासिल हुए थे।
जन
प्रतिनिधियों को अपने निर्वाचन क्षेत्र में पूरी ईमानदारी और निष्पक्ष भाव
से विकास कार्य कराना चाहिए। इसमें वोटों या दलगत राजनीति नहीं होनी चाहिए
पर शायद बांदा-चित्रकूट सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ऐसा नहीं समझ रहे।
-संकटा प्रसाद त्रिपाठी, आरटीआई कार्यकर्ता।
मैंने
दोनों जनपदों के सभी विधानसभा क्षेत्रों को बराबरी से निधि का पैसा दिया
है। प्रोजेक्ट (योजना) बड़ी या छोटी होने से पैसा कम-ज्यादा हो सकता है।
वर्ष 2015-16 में बांदा जनपद के लिए कई बड़े कार्यों के लिए मैंने निधि से
प्रस्ताव भेजे हैं, जो थोड़ी बहुत कहीं कमी होगी उसे भी आने वाले दिनों में
दूर कर दिया जाएगा। निधि को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। - भैरो प्रसाद
मिश्र, सांसद।