स्वास्थ्य विभाग में नियुक्तियों की जांच की जाएगी
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कर्मचारियों की भर्ती में विभाग से जुड़े लोगों के सगे-संबंधियों की नियुक्ति करने के मामले में सीएमओ पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है। मंडलायुक्त ने सीडीओ और एडीएम की संयुक्त टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट एक पखवारे के अंदर देने को कहा है।
महुआ ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि व सपा नेता शैलेंद्र सिंह यादव ने पांच दिसंबर को मंडलायुक्त से शिकायत की थी कि मुख्य चिकित्साधिकारी ने 23 व 24 नवंबर को पांच पदों के लिए साक्षात्कार लिया था। इनमें तीन पदों में नियमों का ताक पर रखकर विभागीय कर्मचारियों के सगे-संबंधियों को नियुक्ति कर दिया। जनपद सलाहकार पद में जरूरी अर्हता पोस्ट ग्रेजुएट इन पब्लिक हेल्थ व वांछित योग्यता एमबीबीएस या बीडीएस डिप्लोमा और साथ में दो साल का अनुभव होना चाहिए।
लेकिन सीएमओ ने ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति कर दी जिसके पास यह अर्हताएं नहीं थी। आरोप लगाया कि नियुक्तियों में लाखों का लेन-देन हुआ। शिकायत पर मंडलायुक्त ने डीएम को जांच के आदेश दिए। लेकिन डीएम ने आरोपी अधिकारी को ही जांच अधिकारी नामित कर दिया। इस पर शिकायतकर्ता ने मंडलायुक्त से फिर शिकायत की।
आयुक्त ने अब डीएम को निर्देश दिए कि एडीएम और सीडीओ की संयुक्त टीम बनाकर जांच कराएं और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करें। जांच रिपोर्ट 22 दिसंबर तक मांगी है। सीडीओ रामकुमार सिंह ने बताया कि जांच तकरीबन पूरी हो गई है। जल्द ही रिपोर्ट डीएम को देंगे। उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी मेजर डा.जीएस वाजपेयी ने आरोपों को निराधार और गलत बताया है। कहा है कि जो आरोप लगाए गए हैं उनके साक्ष्य दिए जाएं तो वह खुद भी कार्रवाई करेंगे।