ग्राम प्रधान और सचिव ने खड़ंजा निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की मजदूरी हड़प ली। चेक काटकर पैसा निकाल लिया। जांच में इसका खुलासा हुआ है। मनरेगा उपायुक्त ने जिलाधिकारी को जांच आख्या भेजकर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
बड़ोखर खुर्द ब्लाक की ग्राम पंचायत चमरहा में 14वें राज्य वित्त आयोग की धनराशि से खंडजा का निर्माण कराया गया है। इसमें ग्राम प्रधान वीरेंद्र गुप्ता ने अपर मुख्य सचिव से शिकायत कर आरोप लगाया था कि सचिव ओम प्रकाश पाल ने पांच-पांच हजार रुपये के पांच चेक अपने नाम काटकर धनराशि का दुरुपयोग किया है। इससे मजदूरों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। डीएम के आदेश पर इसकी जांच खंड विकास अधिकारी बड़ोखर खुर्द और जिला पंचायत राज अधिकारी ने की।
दोनों अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट में बताया है कि ग्राम प्रधान वीरेंद्र गुप्ता ने 18 अक्तूबर 2017 को 30,825 रुपये निकाले। सचिव ओम प्रकाश पाल ने 27 नवंबर को 20 हजार रुपये और 10 नवंबर को 5 हजार रुपये निकाले हैं। जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मजदूरों का भुगतान उनके खातों में आरटीजीएस के माध्यम से संबंधित बैंक के नाम चेक से किया जाना चाहिए। ग्राम प्रधान व सचिव ने अपने-अपने नाम से चेक काटे। यह मजदूरों का पैसा डकार गए। सचिव ने स्वच्छता रैली के नाम पर पांच हजार रुपये का चेक अपने नाम काट लिया। उपायुक्त आरपी ने डीएम को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि ग्राम प्रधान व सचिव दोनों दोषी हैं। इन पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है।