फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक और प्रवासी मजदूर ने फांसी लगाकर दी जान

विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। एक और प्रवासी मजदूर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने घटना की वजह आर्थिक तंगी और रोजगार न मिलने से परेशान होना बताई है। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि मनरेगा से भी काम नहीं दिया गया। उधर, अब तक लगभग 8 प्रवासी मजदूर जान गंवा चुके हैं।
विज्ञापन

मरका थाना क्षेत्र के इंगुवा गांव निवासी मनोज (22) पुत्र रामसजीवन का शव बुधवार को दोपहर घर से करीब एक किलोमीटर जंगल में पेड़ पर रस्सी के फंदे में लटका मिला। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। यहां मृतक के भाई रामसेवक ने बताया कि मनोज मुंबई के मंचल में टॉइल्स फैक्ट्री में काम करता था। लॉकडाउन के दौरान मई माह में वापस घर आ गया था। यहां भी कोई रोजगार नहीं मिला।
मनरेगा मजदूरी भी नहीं मिली। आर्थिक तंगी से परेशान था। इसी से क्षुब्ध होकर उसने आत्महत्या कर ली। रामसेवक ने यह भी आरोप लगाया कि वोट न देने पर प्रधान भी उनके परिवार से चिढ़ता है। इसी वजह से मनोज को मनरेगा से रोजगार नहीं मिला। आवास का भी लाभ नहीं दिया गया। मृतक चार भाइयों में सबसे छोटा और अविवाहित था। पिता गुमटी में किराना दुकान किए है।
विज्ञापन

उधर, जान गंवाने वाले प्रवासी मजदूर के भाई के आरोपों पर कमासिन बीडीओ अमरनाथ पांडेय का कहना है कि उन्होंने 8 जुलाई को कार्यभार संभाला है। प्रधान राजनीतिक होते हैं। मृतक को मनरेगा में मजदूरी के लिए ग्राम सचिव व रोजगार सेवक को आवेदन देना चाहिए था। फिर भी जांच कराएंगे। उधर, अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप चौहान का कहना है कि परिजनों की डांट-फटकार के चलते प्रवासी मजदूर ने आत्महत्या की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें