बांदा। अन्ना गायों द्वारा फसल की की गई बर्बादी के सदमे ने बटाईदार किसान की जान ले ली। चौपट फसल देखकर खेत के नजदीक ही उसे दिल का दौरा पड़ गया। नाजुक हालत में मेडिकल कालेज लाया गया। यहां कुछ देर बाद मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
नरैनी तहसील क्षेत्र के गिरवां थानांतर्गत हुसैनपुर खुर्द गांव में शिवबदन (59) पुत्र मंगी प्रसाद ने गांव के ही तीन लोगों से 15 बीघा खेत बटाई में ले रखा था। इसमें उसने धान लगाया था। अन्ना पशुओं ने खेत रौंद डाला। गुरुवार को दोपहर शिवबदन खेत गया तो यह नजारा देख उसे गहरा सदमा पहुंचा। कुछ ही देर बाद खेत में ही उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे मेडिकल कालेज लाए। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मेडिकल कालेज के ईएमओ ने भी मौत की वजह हार्ट अटैक बताई।
छोटे भाई राकेश ने बताया कि शिवबदन ने 15 बीघा खेत बटाई पर लिए था। इसी से उसका गुजारा होता था। धान की फसल में लगभग 20 हजार रुपये कर्ज लेकर धान की बेड़ लगाई थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
नदी में डूबकर किसान की मौत
बांदा। गिरवां थाना क्षेत्र के बरईमानपुर निवासी बलराम यादव (54) पुत्र भोला प्रसाद गुरुवार को दोपहर मवेशी चराने गया था। केन नदी में भैंस को पानी पिलाते समय पैर फिसल जाने से वह नदी में डूब गया। पुत्र विजय कुमार ने बताया कि मृतक के पास सात बीघा जमीन है। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैक शेरपुर शाखा से दो लाख का कर्ज है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।