बांदा। सूखे के हालात में भूख व प्यास से मर रहे मवेशियों को बचाने के लिए शासन ने बीते दिनों मंडल के चारों जिलों को 4.60 करोड़ रुपये जारी किए थे। प्रशासन ने इस पैसे भूसा खरीदा, लेकिन इक्का-दुक्का गांवों को छोड़कर ज्यादातर गांवों को भूसे की भनक भी नहीं लगी। ‘अमर उजाला’ ने दो दिन पूर्व प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। अब पशुपालन विभाग के उप निदेशक ने सभी पशु चिकित्सकों को गांव-गांव जाकर मवेशियों के लिए चारा-भूसा व पानी के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
चित्रकूटधाम मंडल में सूखे की वजह से इस साल खेतों में हरे चारे की एक पत्ती नहीं नजर आ रही है। पशु भूखे और प्यासे भटक रहे हैं। पशु पालन आयुक्त ने मंडल में सूखे के हालात पर नजर रखने और पशुओं की मौत रोकने के लिए पशु पालन विभाग के उप निदेशक को चारे-पानी के इंतजाम कराने के निर्देश जारी किए हैं।
उप निदेशक एके सिंह ने बुधवार को सभी मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों और पशु चिकित्सकों को गांव-गांव में मवेशियों के लिए चारा-भूसा और पानी की व्यवस्था कराने को कहा है। उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) आरआर शुक्ला ने बताया कि सभी पशु चिकित्साधिकारियों की अगुवाई में टीम गठित कर गांव-गांव भेजी जा रही है। जरूरतमंदों को भूसा-चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। नलकूपों के जरिये गांवों के पोखरों व गड्ढों भराया जा रहा है।