तिंदवारी। बीडीसी सदस्य के भाई ने फांसी लगा ली। बड़े भाई ने आरोप लगाया कि गांव वालों के सामने पुलिस ने पीट दिया था, इससे वह तनाव में था। हालांकि थानाध्यक्ष ने आरोपों को निराधार बताया है।
थाना क्षेत्र के कुरसेजा चौकी अंतर्गत परसौड़ा गांव में यशोदा द्विवेदी के पुत्र सुमित (30) ने सोमवार की रात खपरैल में रस्सी से कमरे में फांसी लगा ली। सुबह मां महेशा देवी ने फंदे पर लटकता शव देखकर बड़े बेटे अमित को बुलाया। अमित ने बमुश्किल दरवाजे खोले और हंसिया से फंदा काटकर उसे पीएचसी पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बीडीसी सदस्य भाई अमित द्विवेदी ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व सुमित का भाभी से झगड़ा हो गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घर के बाहर गांव वालों के सामने उसे पीटा था। उस वक्त वह (अमित) बाहर था। घर आने पर भाई ने उसे सारी जानकारी दी। तभी से सुमित तनाव में था। मृतक दो भाइयों में छोटा और मजदूरी करता था। वह अपने पीछे पत्नी ज्योति और तीन बेटे छोड़ गया है। वहीं, थानाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि सुमित की आत्महत्या के पीछे परिजन कोई ठोस वजह नहीं बता सके। पुलिस की पिटाई की बात गलत है।