कमासिन में थाने के सामने सड़क जाम कर हंगामा कर रहीं छात्राएं।
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कमासिन। बोर्ड परीक्षा के फार्म ऑनलाइन न किए जाने की भनक लगते ही छात्राओं को गुस्सा फूट पड़ा। छात्राओं का हुजूम स्कूल छोड़कर सड़क पा गया। थाना और ब्लाक के सामने सड़क जाम कर दी। छात्राओं ने पूर्व प्रधानाचार्य के खिलाफ ‘हाय-हाय’ के नारे लगाए।
जीजीआईसी में कक्षा 9, 10 व 11, 12 में करीब 1200 छात्राएं पंजीकृत हैं। यहां की पूर्व प्रधानाचार्य शोभा वर्मा ने हाईस्कूल और इंटर की छात्राओं से बोर्ड परीक्षा शुल्क जमा करा लिया था। साथ ही वजीफा फार्म और रजिस्ट्रेशन फीस और परिचय पत्र का शुल्क भी ले लिया था। इसके बाद भी हाईस्कूल और इंटर की छात्राओं के फार्म ऑनलाइन नहीं कराए।
उधर, 13 अगस्त को अनियमितताओं के आरोप में जिला विद्यालय निरीक्षक ने कोर्रही बालिका इंटर कालेज की प्रधानाचार्य हेमलता वर्मा को यहां के प्रधानाचार्य का कार्यभार सौंप दिया। डीआईओएस ने खुद आकर अलमारी का ताला तोड़कर उन्हें चार्ज दिलाया। बोर्ड फार्म भरने की तारीख बढ़ने के बाद भी छात्राओं के फार्म ऑनलाइन नहीं किए गए।
शनिवार को यह भनक मिलते ही छात्राओं का सब्र टूट गया और गुस्सा फूट पड़ा। सड़क पर उतर आईं। सैकड़ों छात्राएं ‘शोभा वर्मा हाय-हाय’ के नारे लगाती हुईं थाने जा पहुंची। वहां पूर्व प्रधानाचार्य के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करने लगीं। छात्राओं ने इसी बीच थाने के सामने ही सड़क जाम कर दी। इसी बीच छात्राओं को पता चला कि सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ब्लाक कार्यालय में मौजूद हैं तो उनका हुजूम ब्लाक जा पहुंचा।
सांसद ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि वे उनके साथ हैं और समस्या का निराकरण कराएंगे। छात्राएं सांसद से मिलकर फिर थाने आ गईं और सड़क पर बैठकर पूर्व प्रधानाचार्य के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करने लगी। लगभग तीन घंटे बाद बबेरू से नायब तहसीलदार श्याम मणि मिश्र, मौजूदा प्रधानाचार्य हेमलता वर्मा के साथ थाने और छात्राओं को लिखित आश्वासन दिया कि बकरीद के बाद बोर्ड फार्म ऑनलाइन करा दिए जाएंगे। किसी छात्रा का साल बर्बाद नहीं जाएगा। यह भी कहा कि बोर्ड फीस प्रधानाचार्य अपने पास से भरेंगी। पूर्व प्रधानाचार्य के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही छात्राएं शांत हुईं। रश्मि देवी, सुषमा देवी, नीतू देवी, पिंकी आदि ने छात्राओं का प्रतिनिधित्व किया।