आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ जिला यूनिट ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष को ज्ञापन देकर सहायक अध्यापकों की तरह वेतनमान और मुख्य सेविकाओं के रिक्त पदों पर समायोजित कराने की मांग की। कहा कि सरकार पर इसे लेकर दबाव बनाया जाए।
संघ की जिलाध्यक्ष नीलम वर्मा और महामंत्री रजनी मरजीना की अगुवाई में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने मंगलवार को सुबह नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी से उनके आवास पर मुलाकात की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि 1500 रुपये मानदेय पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां कई वर्षों से काम कर रही हैं।
सरकारी कर्मचारी की तरह इन्हें मुख्य सेविकाओं के पदों पर पदोन्नति में 50 वर्ष की आयु सीमा समाप्त की जाए। पोषाहार (पंजीरी) में बदलाव करते हुए उसके स्थान पर अन्य पोषाहार बंटवाया जाए। उन्हें भी सरकारी कर्मचारियों की तरह वेतन और वेतन वृद्धि की सुविधाएं दी जाएं।
11 सूत्री ज्ञापन में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार पहले की तरह ठेकेदारों से ढुलाने, प्राथमिक विद्यालय की तरह गर्मी और ठंड में केंद्रों में अवकाश, मातृ समिति अध्यक्ष की अनिवार्यता समाप्त और यूनीफार्म का मूल्य कम से कम 500 रुपये करने की मांग शामिल है।
नेता प्रतिपक्ष श्री सिद्दीकी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी मांग विधान परिषद में उठाएंगे। ज्ञापन देने वालों में रेखा राजपूत, सोमवती, रिजवाना बानो, विमला देवी, संगीता (मटौंध) और चंद्रकली आदि शामिल रहीं।