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सीओ हाथरस के खिलाफ एनबीडब्ल्यू

Tue, 31 Jan 2017 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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court shimla
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बांदा। अदालत में साक्ष्य के लिए उपस्थित न होने पर क्षेत्राधिकारी (हाथरस) के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करते हुए पुलिस अधीक्षक (हाथरस) को नोटिस तामील कराने के आदेश दिए। एक अन्य मामले में सीओ सदर का वेतन रोकने की नोटिस जारी की गई है।नरैनी कोतवाली क्षेत्र से संबंधित मामला अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ अरुण कुमार मल्ल की अदालत में विचाराधीन है। इसमें अभियुक्त अंशू उर्फ बबलू आदि के विरुद्ध धारा 376, 323, 504, 506 व पास्को एक्ट के तहत मामला साक्ष्य में चल रहा है। सह अभियुक्त की जमानत का प्रार्थनापत्र उच्च न्यायालय में 26 अप्रैल 2016 से विचाराधीन है। मामले के निस्तारण के लिए तत्कालीन नरैनी क्षेत्राधिकारी सुधीर त्यागी को साक्ष्य के लिए उपस्थित होने को कई बार समन भेजने के बाद भी वह नहीं आए। वर्तमान में वह हाथरस में तैनात हैं। अदालत में क्षेत्राधिकारी के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करते हुए सीआरपीसी की धारा 350 के तहत नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
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उधर, नगर पालिका में घोटाले के मामले में अध्यक्ष विनोद जैन व अधिशासी अधिकारी वीरेंद्र कुमार के विरुद्ध जुलाई 2016 में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद विवेचक क्षेत्राधिकारी नगर आरके मिश्रा के केस डायरी के साथ न्यायालय में उपस्थित न होने पर जनपद न्यायाधीश भूपेंद्र सहाय ने डीआईजी व एसपी को पत्र भेजकर विवेचक का स्पष्टीकरण लेने और 7 फरवरी को उपस्थित कराने के साथ जनवरी माह का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश ने कहा है कि विवेचक की कार्य प्रणाली से जाहिर होता है कि वह न्यायालय की गरिमा को नहीं समझ रहे। उधर, आदेश की भनक मिलते ही क्षेत्राधिकारी कोर्ट पहुंचे, लेकिन तब तक अदालत का समय समाप्त हो चुका था। पेशकार ने उन्हें 7 फरवरी को हाजिर होने की जानकारी दी।
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