बांदा। बुधवार को बांदा जिले में ईदमीलादुन्नवी और बारावफात का त्योहार धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। मुस्लिम समाज के लोगों ने विभिन्न कस्बों और गांवों में शांतिपूर्ण जुलूस निकाले। इन जुलूसों में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आपसी भाईचारे का प्रदर्शन किया।
पैलानी तहसील के खप्टिहा कलां, तिंदवारी, जसपुरा के रामपुर-सिकहुला और नरैनी में जुलूस निकले। कई स्थानों पर हिंदू-मुस्लिम समुदाय ने जुलूस का स्वागत कर पानी, शरबत और लंगर वितरित किए। खप्टिहा कलां में जुलूस बस स्टैंड से शुरू होकर शहीद बाबा तक पहुंचा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग और बच्चे शामिल थे।
तिंदवारी में पेश इमाम हाफिज नसीमुद्दीन ने जुलूस को झंडी दिखाकर रवाना किया। जुलूस में नात और कलाम पेश किए गए, जिसका स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। नरैनी में भी जुलूस करतल मार्ग से शुरू हुआ और निर्धारित रास्तों से गुजरा।
आपसी सौहार्द और सुरक्षा व्यवस्था जसपुरा के रामपुर और सिकहुला गांव में बारावफात का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकला। हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने साथ मिलकर सौहार्द की मिसाल पेश की। पुलिस बल सभी स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहा।
पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रवीण कुमार, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भास्कर मिश्रा और थाना प्रभारी निरीक्षक ऋषि देव सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। आयोजकों ने अमन, शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
फोटो-37- गांव खप्टिहा कलां में बारावफात का जुलूस निकालते मुस्लिम समाज के लोग। संवाद
फोटो-37- गांव खप्टिहा कलां में बारावफात का जुलूस निकालते मुस्लिम समाज के लोग। संवाद
फोटो-37- गांव खप्टिहा कलां में बारावफात का जुलूस निकालते मुस्लिम समाज के लोग। संवाद