बांदा। कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की अक्षय नवमी पर
महिलाओं ने आंवला के वृक्षों की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की
कामना की। साथ ही परिजनों के साथ आंवला वृक्ष के नीचे प्रसाद ग्रहण किया।
शुक्रवार को आंवला के वृक्षों के आसपास मेला और पिकनिक जैसा नजारा रहा। सुबह से महिलाओं के जत्थे सपरिवार आंवला तले पहुंचने लगे।
हल्दी,
चावल का ऐपन लगाकर आंवला के वृक्ष की परिक्रमा लगाकर अपने परिवार की
खुशहाली और संकटों से मुक्ति की कामना की। पूजा के बाद घर से लाए गए पकवान
परोस कर कन्याओं और ब्राह्मणों को भोज कराया।
खुद भी परिवार के साथ
प्रसाद ग्रहण किया। सिंहवाहिनी मंदिर परिसर, सैनिक कल्याण बोर्ड परिसर,
बुद्धराम कुआं आश्रम, नवाब टैंक समेत जगह-जगह सपरिवार महिलाओं के जत्थे नजर
आए।
बच्चों ने तो इस पर्व को पिकनिक के रूप में मनाया।
वेद-पुराणों के अनुसार मान्यता है कि अक्षय नवमी पर आंवला वृक्ष के नीचे
बैठकर भोजन करने से स्वास्थ्य और धन का क्षय नहीं होता।