बसपा सुप्रीमो मायावती के 62वें जन्मदिन पर बसपा नेताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों को जमकर कोसा। कहा कि इन दिनों बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के पाखंडी भक्तों की भरमार हो गई है। पहले राम के नाम पर खाते थे, अब बाबा के नाम पर बरगला रहे हैं। बसपा नेताओं ने पार्टी सुप्रीमो मायावती को डॉ. अंबेडकर और कांशीराम की विचारधारा वाला बताया।
सोमवार को जहीर क्लब ग्राउंड में आयोजित समारोह में पूर्व मंत्री और बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर जीसी दिनकर ने कहा कि धोखाधड़ी करके केंद्र और यूपी में भाजपा की सरकारें बनाईं। जिन्होंने बाबा साहब को आगे बढ़ने से रोका, वह आज उन्हीं के नाम से स्वांग रच वोट लेना चाहते हैं। उन्होंने ईवीएम मशीनों पर कहा कि अमेरिका की मिलीभगत से पहले कांग्रेस ने मशीनों को अपने पक्ष में इंस्टाल कराके चुनाव जीता और अब भाजपा ने भी यह हथकंडा अपनाया।
भारत के इतिहास में यह पहला वाक्या है कि अधिकांश प्रत्याशी दो से तीन लाख वोटों से जीते। जीतने वालों में ऐसे भी लोग शामिल हैं, जिनका कोई वजूद नहीं है। यह भी कहा कि जनता में विश्वास खो देने के बाद निर्वाचन आयोग को बने रहने का वैधानिक अधिकार नहीं है। देश का संविधान सर्वोपरि है। न्याय पालिका संविधान की ही व्यवस्था है। पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए संगठनात्मक तैयारी अभी से शुरू कर दें।
समारोह को डॉ. मधूसुदन कुशवाहा, किरन यादव, बल्देव प्रसाद वर्मा, श्याममोहन धुरिया, उमाशंकर गुप्ता, रामसेवक प्रजापति, मोहम्मद अयूब खां, रामकुमार निषाद, अरुण सिंह, मयंक द्विवेदी, गणेश द्विवेदी, सुरेश तिवारी, बिसंडा चेयरमैन गयाचरन निर्मल, मोहम्मद असलम, बीएम कुशवाहा, बच्चू यादव, बीएल बाबू, राजकुमार कुशवाहा, जितेंद्र गौरव और जयराम सिंह आदि ने भी संबोधित किया।
अध्यक्षता प्रदीप वर्मा और संचालन महासचिव लल्लू निषाद द्वारा किया गया। बसपा नेताओं ने डॉ. अंबेडकर और कांशीराम के चित्रों पर फूल चढ़ाए। मंच पर ही बालिका आलिया खान के हाथों केक कटवाया गया। गुलाब सिंह वर्मा, अवधेश दिनकर, सत्येंद्र वर्मा, राजेश राजपूत, धीरज राजपूत, कमलेश चौरसिया, अरविंद कुशवाहा, शिवबरन वर्मा, प्रभुदयाल निषाद, स्वयंबर सिंह पटेल, हरीराम कबीर बेदी, रज्जन मंसूरी, दिनेश गुप्ता, संतोष राजा, रमेश सोनी, भारती गुप्ता आदि शामिल रहे।